रायपुर | मंत्रालय महानदी भवन में सोमवार को छत्तीसगढ़ अधिवक्ता कल्याण निधि न्यास समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रदेश के अधिवक्ताओं के हितों और उनके सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल और विधायक श्री धरमलाल कौशिक विशेष रूप से उपस्थित रहे।
प्रमुख मुद्दों पर केंद्रित रही चर्चा
बैठक के दौरान अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए निम्नलिखित विषयों पर विस्तार से रणनीति बनाई गई:
- सामूहिक एवं चिकित्सा बीमा: वकीलों और उनके परिवार के स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए ग्रुप इंश्योरेंस और मेडिकल क्लेम की सुविधाओं पर जोर दिया गया।
- पेंशन और मानदेय: वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए पेंशन योजना और नए (जूनियर) अधिवक्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए मानदेय देने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।
- अधिवक्ता संरक्षण विधेयक: प्रदेश में वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ अधिवक्ता संरक्षण विधेयक’ के प्रारूप और इसके क्रियान्वयन को लेकर गंभीर विमर्श किया गया।
- मृत्युदावा राशि: किसी अधिवक्ता के असामयिक निधन की स्थिति में उनके परिजनों को दी जाने वाली सहायता राशि (मृत्युदावा) के प्रावधानों को और सुदृढ़ बनाने पर सहमति बनी।
इनकी रही गरिमामय उपस्थिति
बैठक में महाधिवक्ता श्री विवेक शर्मा, विधि विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, अधिवक्ता शैलेन्द्र दुबे और वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील ओटवानी शामिल हुए। इसके साथ ही भारतीय स्टेट बैंक (SBI), भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), वित्त विभाग और अन्य संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी भी मौजूद थे, जिन्होंने वित्तीय और तकनीकी पहलुओं पर अपनी राय साझा की।