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सावधान! अब न्यूज़ पोस्ट करने वाले सोशल मीडिया यूज़र्स भी आएंगे IT Rules के दायरे में, केंद्र सरकार का बड़ा प्रस्ताव

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नई दिल्ली: अगर आप फेसबुक, एक्स (ट्विटर) या इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खबरें (News) या समसामयिक घटनाओं (Current Affairs) से जुड़ा कंटेंट पोस्ट करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार ने IT नियम, 2021 में बड़े बदलावों का प्रस्ताव दिया है, जिसके तहत अब आम यूज़र्स द्वारा शेयर की जाने वाली न्यूज़ सामग्री भी डिजिटल मीडिया आचार संहिता के दायरे में आएगी।

क्या है सरकार का नया प्रस्ताव?

​इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा पेश किए गए मसौदे के अनुसार, अब वे यूज़र्स भी नियमों के दायरे में होंगे जो किसी न्यूज़ संस्थान के रूप में पंजीकृत (Registered Publisher) नहीं हैं, लेकिन समाचार साझा करते हैं।

​अभी तक डिजिटल मीडिया के सख्त नियम मुख्य रूप से न्यूज़ पोर्टल्स और प्रकाशकों पर लागू होते थे, लेकिन इस संशोधन के बाद ‘यूज़र जनित न्यूज़ कंटेंट’ (User-generated News Content) पर भी सरकार की निगरानी बढ़ जाएगी।

प्रमुख बदलाव और उनके प्रभाव:

  • बिना रजिस्ट्रेशन वालों पर भी नकेल: नियमों के ‘भाग III’ का विस्तार उन मध्यस्थों (Intermediaries) पर भी होगा जो ऐसे यूज़र्स के कंटेंट को होस्ट करते हैं जो प्रकाशक नहीं हैं। यानी, अगर आप न्यूज़ पोस्ट करते हैं, तो उस प्लेटफॉर्म को सरकार के नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
  • प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी बढ़ी (Due Diligence): सोशल मीडिया कंपनियों के लिए अब मंत्रालय द्वारा जारी स्पष्टीकरणों, SOPs और दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। यदि वे ऐसा नहीं करते, तो वे IT एक्ट की धारा 79 के तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा (Safe Harbour) खो सकते हैं।
  • निगरानी समिति की बढ़ती ताकत: प्रस्तावित नियम 14 के तहत ‘अंतर-विभागीय समिति’ अब न केवल शिकायतों पर गौर करेगी, बल्कि मंत्रालय द्वारा सीधे भेजे गए मामलों पर भी कार्रवाई कर सकेगी।

क्यों पड़ रही है इसकी जरूरत?

​सरकार का तर्क है कि ये संशोधन “प्रक्रियात्मक और स्पष्टकारी” हैं। इनका मुख्य उद्देश्य:

  1. ​डिजिटल स्पेस में कानूनी निश्चितता लाना।
  2. ​भ्रामक खबरों (Fake News) पर लगाम लगाना।
  3. ​न्यूज़ कंटेंट पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना।

अपनी राय दें: 14 अप्रैल तक का समय

​सरकार ने इस ड्राफ्ट पर आम जनता और हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। अगर आप इन नियमों पर अपनी प्रतिक्रिया देना चाहते हैं, तो 14 अप्रैल, 2026 तक itrules.consultation@meity.gov.in पर ईमेल के जरिए अपनी बात रख सकते हैं।

editor

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