रायपुर | छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। ब्यूरो ने अवैध शराब (पार्ट-बी) के परिवहन में शामिल भाटिया वाइंस डिस्टलरी और वेलकम डिस्टलरी की कुल 16 गाड़ियों को जब्त किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि इन वाहनों का उपयोग सरकारी शराब दुकानों तक अवैध शराब पहुंचाने के लिए किया जाता था।
कर्मचारियों और भरोसेमंदों के नाम पर दर्ज थीं गाड़ियां
EOW की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस सिंडिकेट को चलाने के लिए डिस्टलरी मालिकों ने बड़ी चालाकी से वाहनों का पंजीकरण अपनी कंपनियों, कर्मचारियों और कुछ बेहद भरोसेमंद व्यक्तियों के नाम पर कराया था। डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर ब्यूरो ने पाया कि इन्हीं चुनिंदा वाहनों का उपयोग बार-बार डिस्टलरी से सीधे सरकारी देशी शराब दुकानों तक अवैध माल पहुंचाने के लिए किया जाता था।
केडिया डिस्टलरी भी रडार पर
ब्यूरो की कार्रवाई केवल यहीं तक सीमित नहीं है। जांच के दौरान केडिया डिस्टलरी में भी इसी तरह निजी गाड़ियों के इस्तेमाल के सबूत मिले हैं। फिलहाल ब्यूरो इन गाड़ियों के मालिकाना हक और उनके उपयोग की गहनता से जांच कर रहा है।
क्या है पूरा मामला?
राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने इस शराब घोटाले में प्रकरण क्रमांक 04/2024 दर्ज किया है। इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की धारा 7, 12 सहित आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत मामला दर्ज है।
जब्त वाहनों का विवरण:
- वेलकम डिस्टलरी (कोटा, बिलासपुर): 08 वाहन
- भाटिया वाइंस डिस्टलरी (सरगांव, मुंगेली): 08 वाहन
ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अन्य संदिग्ध वाहनों की भी पहचान की जा रही है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां या जब्ती संभव है।