भिलाई/दुर्ग | छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिक्षा विभाग के नाम पर एक बड़ा जालसाजी का मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने ‘स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल’ में नौकरी के नाम पर न केवल फर्जी जॉइनिंग लेटर तैयार किए, बल्कि जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के डिजिटल हस्ताक्षर और एडीएम (ADM) के स्कैन किए गए साइन का भी अवैध इस्तेमाल किया। मामला तब खुला जब एक महिला अभ्यर्थी पदभार ग्रहण करने स्कूल पहुंची।
सावधानी से खुली पोल: प्राचार्य की सतर्कता ने पकड़ी चोरी
जानकारी के अनुसार, श्वेता कौर नाम की महिला भिलाई के जेपी नगर स्थित आत्मानंद स्कूल में शिक्षक के पद पर जॉइन करने पहुंची थी। महिला के पास मौजूद नियुक्ति पत्र में हिंदी के 3, अंग्रेजी के 6 और गणित के 2 अभ्यर्थियों के नाम शामिल थे और उन्हें अलग-अलग स्कूलों में पोस्टिंग दी गई थी।
जब स्कूल के प्राचार्य ने लेटर की बारीकी से जांच की, तो तकनीकी खामियां उजागर होने लगीं। जॉइनिंग लेटर में DEO के डिजिटल साइन दो अलग-अलग जगहों पर थे, लेकिन दोनों का समय एक ही दर्ज था। जबकि तकनीकी रूप से डिजिटल साइन की प्रक्रिया में कम से कम 3 मिनट का अंतर और अलग OTP अनिवार्य होता है।
अस्तित्व विहीन स्कूलों में दे दी ‘पोस्टिंग’
फर्जीवाड़े की हद तो तब पार हो गई जब लेटर में जिन स्कूलों का जिक्र किया गया था, पड़ताल करने पर पता चला कि संबंधित गांवों में उस नाम के कोई स्कूल अस्तित्व में ही नहीं हैं। इन विसंगतियों ने साफ कर दिया कि यह एक सुनियोजित और संगठित गिरोह का काम है।
पुलिस जांच शुरू: बड़े गिरोह की आशंका
जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) अरविंद मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी गई है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है और अब तक कितने युवाओं को ठगी का शिकार बनाया गया है।