साजा/बेमेतरा: भारत सरकार द्वारा ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में लाए गए नए कानून ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-GRAMG को लेकर भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा (छत्तीसगढ़) प्रदेशव्यापी अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में दुर्ग संभाग के साजा विधानसभा अंतर्गत बोरी लिटिया मंडल के ग्राम पंचायत तुमाकला, कन्हारपुरी और खिलौरा में ‘कृषक श्रमिक जन-जोहार चौपाल’ का आयोजन किया गया।
मनरेगा से भी अधिक प्रभावशाली है नया कानून: विजेंद्र सिंह
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और योजना के प्रदेश संयोजक विजेंद्र सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने पुराने मनरेगा कानून को बदलकर अब उसे और अधिक प्रभावशाली और व्यापक बना दिया है। उन्होंने कहा, “VB-GRAMG सिर्फ नाम का बदलाव नहीं है, बल्कि यह गांवों की आत्मनिर्भरता का नया अध्याय है, जो ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।”
गांवों के विकास से ही बनेगा ‘विकसित भारत’
चौपाल में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी योजना की बारीकियों पर प्रकाश डाला:
- रोहित राजपूत (जिला अध्यक्ष, किसान मोर्चा): उन्होंने कहा कि विकसित भारत का मूल आधार गांव, गरीब और किसान हैं। इस योजना का लक्ष्य हर ग्रामीण परिवार को सम्मानजनक रोजगार और स्थायी आजीविका प्रदान करना है।
- कमलेश सिंह राजपूत (प्रदेश संयोजक, भू-राजस्व त्रुटि सुधार): उन्होंने इसे युवाओं और श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
- रविंद्र सिंह चौहान (प्रदेश कार्यसमिति सदस्य): उन्होंने जोर दिया कि अब ग्रामीणों को काम के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा। उन्नत खेती, कौशल विकास और तटबंध सुधार जैसे कार्यों की योजना अब गांव के लोग खुद बनाएंगे, जिससे कमाई के नए रास्ते खुलेंगे।
इस कार्यक्रम का संचालन भाजपा महामंत्री सूरज देशमुख ने किया और आभार प्रदर्शन मंडल अध्यक्ष बीरबल सिंह पटेल द्वारा किया गया। चौपाल में जिला पंचायत उपाध्यक्ष पवन शर्मा, सरपंच सरिता लहरे, वरिष्ठ नेता धर्मपाल वर्मा, कृष्णा पटेल, संजय कश्यप, दिलीप गुप्ता, वीर सिंह पटेल, नीलम खरे और ज्ञान यादव सहित बड़ी संख्या में कृषक, श्रमिक और मातृशक्ति उपस्थित रहे।