रायपुर। छत्तीसगढ़ की दो राज्यसभा सीटों के लिए चल रही चुनावी प्रक्रिpया आज औपचारिक रूप से संपन्न हो गई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की प्रत्याशी फूलोदेवी नेताम को निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित घोषित किया गया है।
विधानसभा परिसर में रिटर्निंग ऑफिसर मनीष शर्मा ने दोनों नवनिर्वाचित सांसदों को उनके निर्वाचन का आधिकारिक प्रमाण पत्र सौंपा।
निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति
छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो सीटें खाली हो रही थीं, जिनके लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ने एक-एक उम्मीदवार मैदान में उतारा था। नामांकन वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद, चूंकि मैदान में केवल दो ही उम्मीदवार शेष थे और किसी तीसरे पक्ष ने दावा पेश नहीं किया था, इसलिए मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी। रिटर्निंग ऑफिसर ने चुनावी नियमों के तहत दोनों को निर्विरोध विजेता घोषित कर दिया।
कौन हैं नवनिर्वाचित सांसद?
- लक्ष्मी वर्मा (BJP): भाजपा ने महिला कार्ड खेलते हुए लक्ष्मी वर्मा को मैदान में उतारा था। वे ओबीसी वर्ग से आती हैं और संगठन में लंबे समय से सक्रिय रही हैं। उनकी जीत से भाजपा ने प्रदेश में अपनी सांगठनिक पकड़ और महिला नेतृत्व को मजबूती देने का संदेश दिया है।
- फूलोदेवी नेताम (Congress): कांग्रेस ने अपनी मौजूदा सांसद फूलोदेवी नेताम पर एक बार फिर भरोसा जताया है। आदिवासी समाज का बड़ा चेहरा मानी जाने वाली नेताम के दोबारा निर्वाचन से बस्तर संभाग और महिला राजनीति में कांग्रेस का प्रभाव बना रहेगा।
प्रमाण पत्र वितरण और औपचारिकताएं
रिटर्निंग ऑफिसर मनीष शर्मा ने प्रमाण पत्र सौंपते हुए दोनों प्रत्याशियों को बधाई दी। इस अवसर पर विधानसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी और दोनों दलों के प्रमुख नेता उपस्थित रहे। प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद दोनों नवनिर्वाचित सांसदों ने अपने-अपने शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया और सदन में छत्तीसगढ़ के हितों की आवाज उठाने का संकल्प लिया।
राजनीतिक समीकरण
इस निर्विरोध निर्वाचन के साथ ही छत्तीसगढ़ विधानसभा में संख्या बल के आधार पर दोनों प्रमुख दलों ने अपनी एक-एक सीट सुरक्षित कर ली है। अब ये दोनों महिला नेत्रियां दिल्ली के उच्च सदन (राज्यसभा) में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगी