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मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश: जबरन मैनुअल स्कैवेंजिंग कराने वालों पर होगी जेल और जुर्माना, सीवरेज सफाई के लिए कड़े नियम लागू

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रायपुर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सीवरेज और सेप्टिक टैंक की सफाई में हो रही लापरवाही और हादसों को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को विधानसभा स्थित सभाकक्ष में आयोजित राज्य अनुश्रवण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में जबरन या दबावपूर्वक मैनुअल स्कैवेंजिंग (हाथ से मैला उठाने का कार्य) करवाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

निजी अस्पताल में हुए हादसे पर जताया दुख, दोषियों पर होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री श्री साय ने बीते कल राजधानी के एक बड़े निजी अस्पताल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पीड़ित परिवारों को हर संभव आर्थिक और सामाजिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो।

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय और दिशा-निर्देश:

  • पंजीकृत संस्थाओं से ही होगी सफाई: सीवरेज और सेप्टिक टैंक की सफाई का कार्य अब केवल नगर निगम या अधिकृत पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही करवाया जा सकेगा।
  • सुरक्षा मापदंड अनिवार्य: सफाई कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरणों और मापदंडों का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य होगा।
  • सख्त सजा का प्रावधान: आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि ‘हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध तथा उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013’ के तहत जबरन यह कार्य करवाने वाले व्यक्ति को एक वर्ष का कारावास अथवा 50,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

छत्तीसगढ़ हुआ ‘मैनुअल स्कैवेंजर्स मुक्त’

राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति के पुनर्गठन के बाद आयोजित इस पहली बैठक में एक बड़ी उपलब्धि भी साझा की गई। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में मैनुअल स्कैवेंजर्स का री-सर्वे (पुनर्सर्वेक्षण) करवाया गया था। सभी जिला कलेक्टरों ने अपने जिलों को ‘मैनुअल स्कैवेंजर्स मुक्त’ होने का प्रमाण पत्र दे दिया है।

​मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए सम्मान और गौरव का क्षण बताते हुए कहा, “हाथ से मैला उठाने की प्रथा मानवीय मूल्यों और संविधान द्वारा स्थापित उच्च आदर्शों के सख्त खिलाफ है। समाज में हर व्यक्ति को पूरे सम्मान के साथ जीने का अधिकार है।” उन्होंने इस दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा नगरीय प्रशासन विभाग के समन्वित प्रयासों की सराहना भी की।

ये रहे उपस्थित:

इस महत्वपूर्ण बैठक में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, मुख्य सचिव श्री विकासशील, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा सहित कई अन्य विभागीय सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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