भिलाई महिला समाज की सराहनीय पहल, श्रवण बाधित बच्चों के साथ साझा की खुशियां और भेंट की जीवनोपयोगी सामग्री

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भिलाई: समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए, भिलाई महिला समाज (नेहरू नगर क्लब) की महिलाओं ने एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। 17 मार्च को क्लब की कमेटी और अन्य जागरूक महिलाओं ने दक्षिण गंगोत्री, सुपेला स्थित ‘प्रयास श्रवण दिव्यांग संस्थान’ का विशेष दौरा किया। इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने वहां अध्ययनरत श्रवण बाधित बच्चों के साथ आत्मीय पल बिताए और उनका उत्साहवर्धन किया।

स्वच्छता और सुविधा के लिए सामग्री का दान

इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य न केवल बच्चों का मनोबल बढ़ाना था, बल्कि संस्थान की रोजमर्रा की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग देना भी था। क्लब कमेटी की ओर से स्वच्छता और दैनिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए संस्थान प्रबंधन को निम्नलिखित आवश्यक सामग्री भेंट की गई:

  • 18 नग प्लास्टिक डस्टबिन
  • 5 नग प्लास्टिक बाल्टियां और मग
  • 5 नग बड़े प्लास्टिक टब

फलों का वितरण और बच्चों से बातचीत

संस्थान की आवश्यकताओं को पूरा करने के अलावा महिलाओं ने बच्चों के साथ काफी समय व्यतीत किया। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई और दिनचर्या के बारे में जानकारी ली। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उनके बीच ताजे फलों (केला और संतरा) का वितरण किया गया। मातृशक्ति के इस स्नेह और उपहारों को पाकर बच्चों के चेहरों पर जो मुस्कान खिली, उसने इस पूरे आयोजन को बेहद खास बना दिया।

इन महिलाओं का रहा विशेष योगदान

इस पुनीत कार्य को पूर्ण रूप से सफल बनाने में क्लब की कई महिलाओं ने अपना समय और सहयोग दिया। कार्यक्रम का कुशल नेतृत्व क्लब की सेक्रेटरी श्रीमती पी. लक्ष्मी ने किया। उनके साथ इस नेक कार्य में विशेष सहयोग देने वालों में प्रमुख रूप से शामिल रहीं:

  • ​ललिता गुप्ता, श्रीमती नागिनी, अंजू सिंघल, रमा पहाड़िया, नीलिमा श्रीवास्तव, श्रद्धा राव, शिखा जैन, अपूर्वा शिनोय, कविता राजपूत और लता गायकवाड।

​इसके अतिरिक्त, इस पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में श्रीमती हेमा राय, रोजलीना, आशा वर्मा और बबीता ठाकुर की प्रमुख भागीदारी रही।

​प्रयास श्रवण दिव्यांग संस्थान के प्रबंधन ने भिलाई महिला समाज के इस संवेदनशील कदम की भूरि-भूरि प्रशंसा की है और इसे समाज के अन्य वर्गों के लिए एक प्रेरणादायी कदम बताया है।

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