दुर्ग/बेमेतरा: दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में निलंबित भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के खेत में पकड़ी गई 8 करोड़ रुपये की अवैध अफीम की खेती के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। दुर्ग पुलिस की सघन जांच में अफीम की सप्लाई चेन का भंडाफोड़ हुआ है। मामले की तह तक जाते हुए पुलिस ने बेमेतरा जिले से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो अफीम से तैयार डोडा को ढाबों के जरिये बाजार में खपाने का गोरखधंधा चला रहे थे।
मुख्य बिंदु (Highlights):
- निलंबित भाजपा नेता के खेत में मिले थे 8 करोड़ के अवैध अफीम के पौधे।
- मुख्य आरोपी विकास बिश्नोई की निशानदेही पर सप्लाई चेन का खुलासा।
- बेमेतरा के ‘श्री रामदेव होटल’ और ‘राजस्थानी हाईवे ढाबा’ पर पुलिस का छापा।
- दो नए आरोपी गिरफ्तार: डोडा, 1.29 लाख कैश और डोडा पीसने वाली मिक्सी जब्त।
ढाबों और होटलों से चल रहा था डोडा का अवैध व्यापार
ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि थाना पुलगांव अंतर्गत चौकी जेवरा सिरसा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 18 और 29 के तहत इस गंभीर मामले की जांच चल रही है। इससे पहले पुलिस ने खेत मालिक विनायक ताम्रकार, मुख्य सरगना विकास बिश्नोई, मनीष उर्फ गोलू ठाकुर और छोटू राम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस रिमांड के दौरान जब मुख्य आरोपी विकास बिश्नोई से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने उगली सच्चाई ने पुलिस को चौंका दिया। उसने बताया कि समोदा के खेत में उगाई जा रही अफीम से निकले डोडा को कुछ लोग खरीदते थे और उसे अपने होटलों और ढाबों में छिपाकर बेचते थे। तस्करों की योजना आगे चलकर पूरी तरह तैयार अफीम की बड़ी खेप खरीदने की भी थी।
15 मार्च की रात पुलिस का एक्शन
विकास से मिली इस पुख्ता जानकारी के बाद, 15 मार्च को दुर्ग पुलिस की विशेष टीम ने बेमेतरा-सिमगा रोड स्थित ग्राम कठिया में ‘श्री रामदेव होटल’ और ‘राजस्थानी हाईवे ढाबा’ पर अचानक दबिश दी।
छापेमारी में यह हुआ बरामद:
- आरोपी रणछोड़ राम उर्फ रणजीत: इसके कमरे से 304 ग्राम अफीम डोडा, 1 लाख 29 हजार रुपये नकद और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया।
- आरोपी सुनील देवासी: इसके पास से अफीम डोडा को पीसकर उसकी ‘चुक्की’ (पाउडर) बनाने में इस्तेमाल की जाने वाली मिक्सी और एक मोबाइल बरामद हुआ।
आगे और भी बड़े खुलासों की उम्मीद
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अब इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े अन्य सफेदपोशों और तस्करों की तलाश तेज कर दी गई है। जांच एजेंसियों का स्पष्ट मानना है कि 8 करोड़ की इस विशाल अफीम खेती के पीछे सिर्फ ये कुछ लोग नहीं हो सकते, बल्कि यह एक बड़े और संगठित नेटवर्क का हिस्सा है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े नाम सामने आने की प्रबल संभावना है।