गौरेला। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले से भ्रष्टाचार की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पंचायत विभाग में 1 करोड़ 19 लाख 56 हजार रुपये की भारी अनियमितता और अवैध भुगतान का खुलासा हुआ है। इस मामले में जिला पंचायत सीईओ ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है।
15वें वित्त आयोग की राशि में भारी बंदरबांट
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा घोटाला 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग में किया गया है। सरकारी नियमों को ताक पर रखकर वेंडर्स (Vendors) को लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया। जांच में पाया गया कि बिना उचित प्रक्रिया का पालन किए करोड़ों रुपये की राशि निकाल ली गई, जो सीधे तौर पर वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है।
सीईओ का एक्शन: 8 सचिवों पर गिरी गाज
भ्रष्टाचार की पुष्टि होने के बाद जिला पंचायत सीईओ ने तत्काल प्रभाव से गौरेला जनपद के 8 ग्राम पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया है। प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।
निलंबित होने वाले सचिव इन पंचायतों से हैं:
- तेंदुमुड़ा
- नेवरी नवापारा
- ठाड़पथरा
- आमाडोब
- पूटा
- आमगांव
- साल्हेघोरी
- हर्राटोला