छत्तीसगढ़ में विकास का ‘महा-बजट’: PWD को मिले रिकॉर्ड ₹9129 करोड़, साव बोले- अब तक की सबसे बड़ी सौगात

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नवा रायपुर | छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के विकास को लेकर विष्णुदेव साय सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा दांव खेला है। उपमुख्यमंत्री और लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री अरुण साव ने वित्तीय वर्ष के लिए विभाग द्वारा स्वीकृत की गई ऐतिहासिक राशि का खुलासा करते हुए इसे राज्य निर्माण के बाद की ‘सबसे बड़ी सौगात’ करार दिया है।

इतिहास की सबसे बड़ी स्वीकृति: एक साल में 993 कार्य

नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री साव ने बताया कि PWD ने इस वित्तीय वर्ष में 993 महत्वपूर्ण कार्यों के लिए ₹9129 करोड़ 18 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। उन्होंने आंकड़ों के साथ दावा किया कि राज्य गठन के बाद किसी एक वर्ष में दी गई यह अब तक की सबसे बड़ी राशि है, जो पिछली सरकारों की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। इन पैसों से पूरे प्रदेश में सड़कों का जाल बिछेगा और पुल-पुलिया व शासकीय भवनों का कायाकल्प होगा।

गुणवत्ता से समझौता नहीं, दूरस्थ अंचलों तक पहुंचेगी सड़क

श्री साव ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य प्रदेश के सुदूर और पहुंचविहीन गांवों को मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि केवल सड़क बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ‘क्वालिटी’ हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए अधिकारियों की विशेष टीम तैनात की गई है और ठेकेदारों को बेहतर प्रदर्शन के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं।

नक्सलवाद पर वार: “कांग्रेस राज में सुरक्षाबलों के हाथ बंधे थे”

विकास के साथ-साथ अरुण साव ने राजनीतिक मोर्चे पर भी विपक्षी दल कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयानों पर पलटवार करते हुए उन्होंने तीखा हमला बोला। साव ने कहा, “कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि छत्तीसगढ़ नक्सल मुक्त हो। उनके शासनकाल में सुरक्षा बलों के हाथ बांध दिए गए थे, इसीलिए नक्सली कहते थे कि ‘हमारी सरकार बन गई है’।”

उन्होंने आगे कहा कि आज जब राज्य में कानून का राज स्थापित हो रहा है और नक्सलवाद अंतिम सांसे ले रहा है, तो कांग्रेस बौखलाहट में इस पर विश्वास नहीं कर पा रही है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार की बेहतर पुनर्वास नीति और विकास कार्यों ने जनता का भरोसा जीता है।


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