कवर्धा। छत्तीसगढ़ के नक्सल मोर्चे से आज की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने एक बड़ा बयान देते हुए छत्तीसगढ़ में सशस्त्र नक्सलवाद के खात्मे की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
पापाराव का आत्मसमर्पण: एक युग का अंत
यह बड़ी सफलता तब मिली जब खूंखार नक्सली कमांडर पापाराव ने सुरक्षाबलों के सामने अपने हथियार डाल दिए। आपको बता दें कि पापाराव पर शासन की ओर से 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह बस्तर से लेकर कवर्धा तक कई बड़ी वारदातों का मास्टरमाइंड रहा है।
गृहमंत्री विजय शर्मा का बड़ा दावा
पापाराव के आत्मसमर्पण के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा:
”आज छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक दिन है। पापाराव के सरेंडर के साथ ही प्रदेश में अब एक भी बड़े कैडर का नक्सली सक्रिय नहीं बचा है। हम यह विश्वास के साथ कह सकते हैं कि छत्तीसगढ़ में अब सशस्त्र नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो चुका है।”
प्रमुख बिंदु:
- ऐतिहासिक समर्पण: 25 लाख के इनामी पापाराव ने छोड़ा हिंसा का रास्ता।
- सरकार की बड़ी जीत: गृहमंत्री ने छत्तीसगढ़ को ‘बड़े नक्सली कैडर मुक्त’ घोषित किया।
- शांति का नया सवेरा: दशकों से चल रहे सशस्त्र संघर्ष पर विराम लगने का दावा।
इस आत्मसमर्पण को साय सरकार की ‘नियद नेल्लानार’ योजना और सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव का बड़ा परिणाम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि इस घोषणा के बाद बस्तर और वनांचलों की तस्वीर कितनी बदलती है।