महासमुंद, छत्तीसगढ़ | छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक अत्यंत दुखद और विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है। प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल खल्लारी माता मंदिर की पहाड़ी पर संचालित होने वाला रोपवे अचानक टूट गया। इस हादसे में रोपवे की ट्रॉली में सवार श्रद्धालु ऊंचाई से नीचे गिर गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई।
कैसे हुआ हादसा? (घटना का विवरण)
खल्लारी माता का मंदिर लगभग 4,000 फीट की दुर्गम ऊंचाई पर स्थित है। आज दर्शनार्थियों की भारी भीड़ थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब श्रद्धालु दर्शन कर नीचे लौट रहे थे, तभी जमीन से लगभग 200 से 300 फीट की ऊंचाई पर रोपवे का मुख्य तार अचानक टूट गया।
- कुल सवार: आने और जाने वाले दोनों रोपवे को मिलाकर कुल 13 लोग हवा में थे।
- गंभीर चोटें: हादसे में कुल 8 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 5 की हालत नाजुक बनी हुई है।
- दुखद मृत्यु: अस्पताल ले जाते समय एक महिला श्रद्धालु ने दम तोड़ दिया।
राहत एवं बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही खल्लारी थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों और दर्शनार्थियों की मदद से घायलों को तत्काल पहाड़ी से नीचे लाया गया। सभी घायलों को एम्बुलेंस के माध्यम से बागबाहरा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनका उपचार कर रही है। गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल या रायपुर रेफर करने की तैयारी की जा रही है।
रखरखाव और सुरक्षा पर बड़े सवाल
इस हादसे ने रोपवे के संचालन और सुरक्षा ऑडिट पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
- मेंटेनेंस में लापरवाही: रोपवे का संचालन कोलकाता की डिजर्ट प्राइवेट लिमिटेड (Dessert Pvt. Ltd.) द्वारा किया जाता है। क्या कंपनी ने नियमित रूप से तारों और मशीनों की जांच की थी?
- क्षमता से अधिक भार: क्या ट्रॉली में तय सीमा से अधिक लोगों को बैठाया गया था?
- प्रशासनिक निगरानी: इतने महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी कैसे हुई?
प्रशासनिक प्रतिक्रिया: मौके पर मौजूद अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में पहली प्राथमिकता घायलों का उपचार है। इसके पश्चात घटना की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संचालक कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।