मानवता की मिसाल: विधायक रिकेश सेन बने मासूम रुद्रांश के ‘जीवनदाता’

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भिलाई। राजनीति के व्यस्त गलियारों के बीच जब कोई जनसेवक सीमाओं को लांघकर मानवता को सर्वोपरि रखता है, तो वह समाज के लिए एक मिसाल बन जाता है। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। उन्होंने खुर्सीपार निवासी एक निर्धन परिवार के मासूम बेटे रुद्रांश की ओपन हार्ट सर्जरी का पूरा खर्च उठाकर उसे नया जीवन दिया है।

जन्म से ही दिल में था छेद, थमने लगी थीं सांसें

​खुर्सीपार (वार्ड-42) निवासी सविता और जयरामदास मानिकपुरी के इकलौते बेटे रुद्रांश का जन्म 1 मार्च 2024 को हुआ था। जन्म के साथ ही मासूम के दिल में छेद था। डॉक्टरों के अनुसार, रुद्रांश ‘टीजीए’, ‘वीएसडी’ और संकुचित नसों जैसी जटिल हृदय समस्याओं से जूझ रहा था। छत्तीसगढ़ में इसका उपचार संभव नहीं था और परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी सक्षम नहीं थी कि वे दिल्ली का रुख कर सकें।

क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर निभाया ‘अभिभावक’ का धर्म

​जब मदद के सारे दरवाजे बंद हो गए, तब मानिकपुरी दंपति ने विधायक रिकेश सेन से गुहार लगाई। खास बात यह है कि पीड़ित परिवार विधायक के अपने विधानसभा क्षेत्र का निवासी नहीं था, फिर भी श्री सेन ने क्षेत्रवाद की राजनीति से ऊपर उठकर मासूम को अपनी गोद में लिया और उसके इलाज की पूरी जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया।

​”विधायक जी ने हमारे लिए वह किया जो कोई अपना भी नहीं कर पाता। उन्होंने न केवल सर्जरी का खर्च उठाया, बल्कि हमारे दिल्ली आने-जाने और रुकने की भी व्यवस्था की।”

भावुक मानिकपुरी दंपति

संघर्ष और सफलता: 19 फरवरी को हुई सर्जरी

​रुद्रांश के इलाज की प्रक्रिया दिसंबर 2024 से शुरू हुई। इस दौरान करीब 18 बार दिल्ली जाना और लंबी काउंसलिंग की प्रक्रिया चली। विधायक स्वयं एम्स दिल्ली की मेडिकल टीम के संपर्क में रहे

​विधायक रिकेश सेन अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद रोजाना दिल्ली में डॉक्टरों और परिजनों से फोन पर मासूम का हालचाल जान रहे हैं। उनकी इस दरियादिली की पूरे भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में सराहना हो रही है।

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