बिलासपुर : छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने गोधन संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बिलासपुर के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में राज्य की महत्वाकांक्षी ‘गौधाम योजना’ का औपचारिक शुभारंभ किया।
जोगीपुर में बनेगा राज्य का पहला ‘गौ अभ्यारण्य’
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बिलासपुर जिले के कोटा विकासखण्ड स्थित ग्राम जोगीपुर में प्रदेश के प्रथम गौ अभ्यारण्य का शिलान्यास किया।
- विस्तार: यह अभ्यारण्य लगभग 184 एकड़ क्षेत्र में फैला होगा।
- बजट: प्रथम चरण के विकास के लिए 1.32 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
- क्षमता: यहाँ एक साथ 2,500 गौवंश के संरक्षण और देखभाल की आधुनिक व्यवस्था होगी।
अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जानी जाएंगी शासकीय गौशालाएं
मुख्यमंत्री श्री साय ने घोषणा की कि प्रदेश में शासकीय भूमि पर स्थापित सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से पहचाने जाएंगे। योजना के पहले चरण में 11 जिलों में 29 गौधामों का संचालन शुरू कर दिया गया है।
“गौ माता हमारी संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार हैं। बेसहारा गौवंश को आश्रय मिलने से न केवल पशुधन सुरक्षित होगा, बल्कि सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।”
— श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
योजना की मुख्य विशेषताएं और लाभ:
- रोजगार के अवसर: गौधामों में गोबर से उपयोगी उत्पाद बनाने और हरा चारा उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार बढ़ेगा।
- दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा: राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के साथ एमओयू के तहत गाय वितरण का कार्य शुरू हो चुका है।
- चरणबद्ध विस्तार: कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने बताया कि आने वाले समय में प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में 10-10 गौधाम स्थापित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में गणमान्य जनों की उपस्थिति
इस गरिमामय समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल, विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में गौपालक उपस्थित रहे।