आर्थिक तंगी नहीं बनी बाधा, 90% अंक हासिल कर पेश की मिसाल
कहते हैं कि अगर हौसलों में उड़ान हो और सही समय पर मार्गदर्शन मिल जाए, तो अभाव भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है दुर्ग की शीतल टंडन ने। कैबिनेट मंत्री और तत्कालीन दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव की संवेदनशीलता और आर्थिक सहयोग की बदौलत आज शीतल की शिक्षा को न केवल संबल मिला, बल्कि उसने कक्षा 11वीं (कला संकाय) में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
पढ़ाई छूटने की आ गई थी नौबत
वार्ड क्रमांक 15, सिकोला बस्ती निवासी धर्मेंद्र टंडन की सुपुत्री शीतल टंडन की पारिवारिक स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी। पिता एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं और माता गृहणी हैं। 10वीं के बाद आर्थिक तंगी के कारण शीतल की आगे की पढ़ाई पर संकट के बादल मंडराने लगे थे। परिवार के पास इतने संसाधन नहीं थे कि वे उसे अच्छे स्कूल में पढ़ा सकें।
मंत्री की संवेदनशीलता ने बदली तस्वीर
संकट की इस घड़ी में शीतल के परिजनों ने मंत्री गजेंद्र यादव के कार्यालय पहुंचकर उनसे मदद की गुहार लगाई थी। मामले की गंभीरता और बेटी की पढ़ने की ललक को देखते हुए मंत्री श्री यादव ने तत्काल निर्णय लिया और उसका प्रवेश खालसा पब्लिक स्कूल में कराया। उन्होंने न केवल प्रवेश दिलाया बल्कि उसकी शिक्षा सुचारू रूप से जारी रहे, यह भी सुनिश्चित किया।
कार्यालय बुलाकर किया सम्मानित
शीतल की इस शानदार उपलब्धि पर आज गंजपारा स्थित कार्यालय में खुशी का माहौल रहा। मंत्री गजेंद्र यादव ने स्वयं शीतल को मिठाई खिलाकर उसका उत्साहवर्धन किया और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया।
“प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती, बस उसे सही मार्गदर्शन और अवसर की तलाश होती है। मेरा यह संकल्प है कि क्षेत्र का कोई भी मेधावी छात्र आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा की मुख्यधारा से पीछे न छूटे।”
— गजेंद्र यादव, कैबिनेट मंत्री
शीतल की इस सफलता से न केवल उसके परिवार में हर्ष व्याप्त है, बल्कि यह उन सभी छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा है जो संघर्षों के बीच अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।
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आर्थिक तंगी नहीं बनी बाधा, 90% अंक हासिल कर पेश की मिसाल
दुर्ग।
कहते हैं कि अगर हौसलों में उड़ान हो और सही समय पर मार्गदर्शन मिल जाए, तो अभाव भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है दुर्ग की शीतल टंडन ने। कैबिनेट मंत्री और तत्कालीन दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव की संवेदनशीलता और आर्थिक सहयोग की बदौलत आज शीतल की शिक्षा को न केवल संबल मिला, बल्कि उसने कक्षा 11वीं (कला संकाय) में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
पढ़ाई छूटने की आ गई थी नौबत
वार्ड क्रमांक 15, सिकोला बस्ती निवासी धर्मेंद्र टंडन की सुपुत्री शीतल टंडन की पारिवारिक स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी। पिता एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं और माता गृहणी हैं। 10वीं के बाद आर्थिक तंगी के कारण शीतल की आगे की पढ़ाई पर संकट के बादल मंडराने लगे थे। परिवार के पास इतने संसाधन नहीं थे कि वे उसे अच्छे स्कूल में पढ़ा सकें।
मंत्री की संवेदनशीलता ने बदली तस्वीर
संकट की इस घड़ी में शीतल के परिजनों ने मंत्री गजेंद्र यादव के कार्यालय पहुंचकर उनसे मदद की गुहार लगाई थी। मामले की गंभीरता और बेटी की पढ़ने की ललक को देखते हुए मंत्री श्री यादव ने तत्काल निर्णय लिया और उसका प्रवेश खालसा पब्लिक स्कूल में कराया। उन्होंने न केवल प्रवेश दिलाया बल्कि उसकी शिक्षा सुचारू रूप से जारी रहे, यह भी सुनिश्चित किया।
कार्यालय बुलाकर किया सम्मानित
शीतल की इस शानदार उपलब्धि पर आज गंजपारा स्थित कार्यालय में खुशी का माहौल रहा। मंत्री गजेंद्र यादव ने स्वयं शीतल को मिठाई खिलाकर उसका उत्साहवर्धन किया और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया।
“प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती, बस उसे सही मार्गदर्शन और अवसर की तलाश होती है। मेरा यह संकल्प है कि क्षेत्र का कोई भी मेधावी छात्र आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा की मुख्यधारा से पीछे न छूटे।”
— गजेंद्र यादव, कैबिनेट मंत्री
शीतल की इस सफलता से न केवल उसके परिवार में हर्ष व्याप्त है, बल्कि यह उन सभी छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा है जो संघर्षों के बीच अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।