रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी के पंडरी मोवा स्थित ‘साहस नशा मुक्ति केंद्र’ से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। सुधार के नाम पर चल रहे इस केंद्र में मरीजों के साथ जानवरों जैसा सलूक किया जा रहा था। मामले का खुलासा तब हुआ जब केंद्र की बेरहमी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
क्या है पूरा मामला?
ओडिशा के उमरकोट निवासी अंकुर मांझी को उसके माता-पिता ने नशा छुड़ाने और बेहतर इलाज की उम्मीद के साथ इस केंद्र में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि:
- इलाज के लिए तय 3 महीने की अवधि के बजाय, उन्होंने महज 9 दिन में ही अपने बेटे को वहां से निकाल लिया।
- केंद्र में हुई प्रताड़ना के कारण अंकुर की मानसिक स्थिति गंभीर रूप से बिगड़ गई है।
- वर्तमान में पीड़ित का इलाज विशाखापट्टनम के एक अस्पताल में जारी है।
संचालिका के बेटे पर FIR दर्ज
वीडियो साक्ष्य और परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। केंद्र की संचालिका के बेटे अनिकेश शर्मा पर मरीजों के साथ मारपीट और क्रूरता करने का गंभीर आरोप लगा है।
- पुलिस कार्रवाई: रायपुर के पंडरी थाने में आरोपी अनिकेश शर्मा के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है।
- लोकेशन: यह विवादित केंद्र पंडरी मोवा क्षेत्र में संचालित हो रहा है।
परिजनों का दर्द: “हम बेटे को सुधारने लाए थे, लेकिन यहाँ की प्रताड़ना ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया। वायरल वीडियो में दिख रही बेरहमी चीख-चीख कर केंद्र की सच्चाई बता रही है।”