भिलाई। औद्योगिक नगरी भिलाई के वैशाली नगर स्थित वार्ड क्रमांक 30 (जलेबी चौक के आगे) में इन दिनों भीषण जल संकट गहरा गया है। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बीच बूंद-बूंद पानी को तरस रहे स्थानीय निवासियों का सब्र अब जवाब दे गया है। आक्रोशित रहवासियों ने नगर निगम प्रशासन और स्थानीय नेतृत्व पर 4 साल तक ‘कुंभकर्णी’ नींद में सोने और धरातल पर शून्य काम करने का गंभीर आरोप लगाया है।
रहवासियों के प्रतिनिधि धर्मेंद्र कुमार चौधरी के नेतृत्व में वार्ड वासियों ने प्रशासन की पोल खोलते हुए एक कड़ा पत्र जारी किया है, जिसमें निगम की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए गए हैं।
4 साल का सिर्फ ‘कागजी’ विकास
वार्ड वासियों का कहना है कि वर्तमान नगर सरकार और महापौर के कार्यकाल को 4 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन यह बेहद विडंबनापूर्ण है कि अनगिनत बैठकों, भारी-भरकम बजटों और लंबी-चौड़ी घोषणाओं के बावजूद प्रशासन वार्ड 30 की जनता को दो बाल्टी पानी देने का स्थायी समाधान नहीं खोज पाया है। जनता सवाल पूछ रही है कि क्या ये 4 साल केवल फोटो खिंचवाने और फाइलों को इधर-उधर करने के लिए थे?
डिजिटल इंडिया का क्रूर मज़ाक
आक्रोशित लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि हम 2026 के ‘डिजिटल युग’ में जी रहे हैं। एक तरफ देश चांद और मंगल पर पहुंच रहा है, वहीं भिलाई जैसे विकसित शहर की महिलाएं आज भी पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रही हैं।
”क्या प्रशासन यह चाहता है कि जनता ‘डिजिटल इंडिया’ की स्क्रीन पर पानी की फोटो देखकर अपनी प्यास बुझाए?” – आक्रोशित वार्ड वासी
कलेक्टर से सीधा सवाल: क्या प्रशासनिक तंत्र ध्वस्त हो चुका है?
भीषण गर्मी में घर की महिलाओं को पानी के लिए भारी संघर्ष करना पड़ रहा है, जबकि नगर निगम का अमला और नेतृत्व पूरी तरह ‘नतमस्तक’ और ‘निशब्द’ बना हुआ है। निवासियों ने सीधे जिला कलेक्टर महोदय का ध्यान आकृष्ट करते हुए सवाल किया है कि, “जब स्थानीय नगर निगम और महापौर 4 साल में एक पाइपलाइन या सुचारू जल वितरण सुनिश्चित नहीं कर सके, तो क्या यह मान लेना चाहिए कि भिलाई का प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है?”
रहवासियों की प्रमुख मांगें:
वार्ड 30 के निवासियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- नगर निगम के सोए हुए अधिकारियों और नेतृत्व को जगाकर वार्ड 30 में तत्काल पानी की आपूर्ति बहाल की जाए।
- पिछले 4 वर्षों में जल योजनाओं के नाम पर जो ‘खानापूर्ति’ और वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं, उसकी जांच कर जवाबदेही तय की जाए।
- इस ‘मानवनिर्मित’ जल संकट का स्थायी और त्वरित समाधान निकाला जाए।
वार्ड 30 के निवासी धर्मेंद्र कुमार चौधरी (संपर्क: 8770556363) और अन्य रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।