भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग में विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों को डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य साइबर धोखाधड़ी के नए तरीकों, उनके खतरों और उनसे बचाव के प्रभावी उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी देना था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. संकल्प राय ने अपने विशेषज्ञ व्याख्यान में बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराध बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। अब न केवल आम नागरिक बल्कि जागरूक विद्यार्थी भी ठगों का शिकार हो रहे हैं।
उन्होंने साइबर अपराध के विभिन्न रूपों जैसे— फिशिंग, सोशल मीडिया हैकिंग, फेक लिंक, ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, यूपीआई (UPI) फ्रॉड, पहचान की चोरी (Identity Theft) और साइबर बुलिंग पर विस्तार से प्रकाश डाला।डॉ. राय ने विद्यार्थियों को सुरक्षित रहने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि:किसी भी अज्ञात या लुभावने लिंक पर क्लिक न करें।अपना पासवर्ड, ओटीपी (OTP) और बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।हमेशा सुरक्षित और विश्वसनीय वेबसाइट्स का ही उपयोग करें।उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि कोई साइबर अपराध का शिकार होता है, तो बिना घबराए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
महत्वपूर्ण और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम में भारती विश्वविद्यालय के उप कुलपति डॉ. आलोक भट्ट और डायरेक्टर डॉ. घनश्याम साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की रूपरेखा और इसके सफल आयोजन में डॉ. स्वाति पाण्डेय की अहम भूमिका रही।प्रशिक्षुओं ने किया सामुदायिक भ्रमण और सर्वेक्षणविश्वविद्यालय में जागरूकता सत्र के अलावा, शिक्षा विभाग द्वारा बी.एड. (B.Ed.) और डी.एल.एड. (D.El.Ed.) प्रशिक्षुओं के लिए एक ‘सामुदायिक भ्रमण एवं सर्वेक्षण कार्यक्रम’ का भी आयोजन किया गया।इस दौरान प्रशिक्षुओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति और वहां की शैक्षणिक परिस्थितियों का डेटा एकत्रित किया। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य भावी शिक्षकों (प्रशिक्षुओं) को ग्रामीण परिवेश और शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली वास्तविक चुनौतियों को करीब से समझने का अवसर प्रदान करना था।इस सर्वेक्षण अभियान में विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए शिक्षा विभाग के डॉ. मनोज मोर्या, डॉ. अखिलेश सेन, डॉ. प्रभा गिरी, डॉ. नीलम त्रेहन, डॉ. दुर्गा श्रीवास्तव और सुश्री नीतू साहू ने अपनी सक्रिय सहभागिता दी और प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन किया।