रायपुर/ छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित नीति भवन में आज राज्य नीति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने विधिवत अपना पदभार ग्रहण कर लिया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने श्री मिश्रा को बधाई देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य नीति आयोग प्रदेश के भविष्य और विकास की रूपरेखा तय करने वाला एक प्रमुख संस्थान है।
मुख्यमंत्री के संबोधन की मुख्य बातें:
- ‘छत्तीसगढ़ विजन डॉक्यूमेंट 2047’: मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के कदम से कदम मिलाते हुए ‘छत्तीसगढ़ विजन डॉक्यूमेंट 2047’ तैयार किया गया है। यह प्रदेश के समग्र और दीर्घकालिक विकास का रोडमैप है।
- साक्ष्य-आधारित नीतियां: मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, नीति आयोग साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण (Evidence-based policy making) और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का काम करेगा।
- आकांक्षी जिला कार्यक्रम की सफलता: श्री साय ने योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग के गठन को पीएम मोदी की दूरदर्शी सोच बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नीति आयोग के ‘आकांक्षी जिला कार्यक्रम’ का सकारात्मक असर छत्तीसगढ़ के पिछड़े और आदिवासी क्षेत्रों में साफ नजर आ रहा है।
- सुशासन और पारदर्शिता: राज्य सरकार जनभागीदारी, पारदर्शिता और सुशासन के मूल मंत्र के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि श्री गणेश शंकर मिश्रा के व्यापक प्रशासनिक अनुभव का लाभ प्रदेश को मिलेगा और आयोग के अच्छे सुझावों को सरकार तत्परता से लागू करेगी।
नए उपाध्यक्ष का संकल्प
पदभार ग्रहण करने के बाद नवनियुक्त उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बेहतरीन नीतियां बनाकर, सभी के सहयोग से छत्तीसगढ़ को एक समृद्ध और विकसित राज्य बनाने की दिशा में वे पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।