दुर्ग। स्थानीय भारती विश्वविद्यालय में ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ के अवसर पर दो दिवसीय भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना, शोध संस्कृति और नवाचार (Innovation) को प्रोत्साहित करने का सफल प्रयास किया गया। दो दिनों तक चले इस बौद्धिक समागम में सेमिनार, एब्स्ट्रैक्ट प्रेजेंटेशन और विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी जैसे विभिन्न ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किए गए।
प्रथम दिवस: शोध और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर जोर
कार्यक्रम के पहले दिन का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय के उपकुलपति डॉ. आलोक भट्ट द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अपने संबोधन में डॉ. भट्ट ने कहा कि आज के युग में प्रगति का आधार विज्ञान ही है। उन्होंने विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर प्रयोगात्मक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इसी क्रम में डॉ. प्रतिभा कुरुप ने शोध कार्य (Research Work) की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे एक छोटा सा शोध समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकता है। प्रथम दिन आयोजित एब्स्ट्रैक्ट प्रस्तुतीकरण में एम.एससी. रसायन विज्ञान (चतुर्थ सेमेस्टर) की छात्रा साक्षी वैष्णव की प्रस्तुति ने विशेषज्ञों का विशेष ध्यान खींचा और खूब सराहना बटोरी।
द्वितीय दिवस: मॉडल प्रदर्शनी में दिखा भविष्य का भारत
समारोह के दूसरे दिन विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने पर्यावरण, ऊर्जा संरक्षण, चिकित्सा और आधुनिक तकनीक से जुड़े कई नवीन मॉडल प्रदर्शित किए।
- मुख्य अतिथि: इस अवसर पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. वीरेन्द्र कुमार स्वर्णकार एवं सीओओ श्री प्रभजोत सिंह भुई उपस्थित रहे। अतिथियों ने प्रत्येक मॉडल का अवलोकन किया और छात्रों की रचनात्मकता की प्रशंसा की।
- निर्णायक मंडल: मॉडल्स का निष्पक्ष मूल्यांकन डॉ. विद्यावती चंद्राकर एवं डॉ. मनोज मौर्य द्वारा किया गया।
प्रतिभाशाली विजेता छात्र
प्रतियोगिता के परिणाम घोषित करते हुए विजेताओं को पुरस्कृत किया गया:
- प्रथम स्थान (संयुक्त): तृप्ति टंडन (एम.एससी. रसायन विज्ञान, द्वितीय सेमेस्टर) एवं गजेन्द्र सेठिया (एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी, द्वितीय सेमेस्टर)।
- द्वितीय स्थान: खिलेंद्र एवं ललित्या (एम.एससी. जूलॉजी, द्वितीय सेमेस्टर)।
- तृतीय स्थान: पलक, नेहा, अलशिफा, मौली एवं श्वेता (बी.एससी. द्वितीय सेमेस्टर)।
कुशल नेतृत्व और टीम वर्क
पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. नीतू श्रीवास्तव के निर्देशन में किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण— सुश्री ट्विंकल श्रीवास, प्रियंका सिन्हा, ज्योति, श्रीमती राजलक्ष्मी, स्वीटी तिवारी, लीलम चंद्राकर, डॉ. राजप्रभु, श्रीमती युक्ति नोनहारे एवं श्री रोशन नोनहारे का विशेष योगदान रहा।