दुर्ग साइंस कॉलेज के छात्रों का इंतज़ार खत्म: मंत्री गजेंद्र यादव की पहल पर ₹8.96 करोड़ स्वीकृत, जून 2026 तक तैयार होगा अत्याधुनिक ऑडिटोरियम

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दुर्ग | छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित शासकीय विश्वनाथ यादव तमास्कर स्नातकोत्तर (साइंस) कॉलेज के छात्रों के लिए एक बड़ी उपलब्धि और खुशखबरी सामने आई है। पिछले पांच वर्षों से राजनीतिक उपेक्षा और फंड की कमी के कारण अधर में लटका ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य अब युद्ध स्तर पर शुरू होने जा रहा है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव की सक्रियता के बाद राज्य सरकार ने इसके लिए 8 करोड़ 96 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है।

मंत्री का औचक निरीक्षण: समय सीमा तय

​सोमवार को कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के इंजीनियरों और कॉलेज प्रबंधन के साथ निर्माण स्थल का औचक निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा:

​”निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगामी जून 2026 तक हर हाल में प्रोजेक्ट पूरा कर लिया जाए ताकि नए सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्र इस आधुनिक सुविधा का लाभ उठा सकें।”

राजनीतिक गतिरोध से बाहर निकला प्रोजेक्ट

​गौरतलब है कि इस भव्य ऑडिटोरियम की आधारशिला पूर्ववर्ती डॉ. रमन सिंह सरकार के दौरान रखी गई थी। तब बजट आवंटित कर काम शुरू भी कर दिया गया था, लेकिन 2018 में सत्ता परिवर्तन के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इसे ‘फंड की कमी’ का हवाला देते हुए ठंडे बस्ते में डाल दिया था। प्रदेश में भाजपा की सरकार लौटते ही मंत्री गजेंद्र यादव ने प्राथमिकता के आधार पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी से चर्चा की और रुके हुए फंड को स्वीकृत कराया।

कैसा होगा साइंस कॉलेज का नया ऑडिटोरियम? (प्रमुख विशेषताएं)

​यह ऑडिटोरियम न केवल दुर्ग बल्कि संभाग का एक प्रमुख सांस्कृतिक और शैक्षणिक केंद्र बनेगा। इसकी तकनीकी और भौतिक विशेषताएं इसे खास बनाती हैं:

  • विशाल क्षमता: इसमें एक साथ 750 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी।
  • भव्य निर्माण: कुल 6722 स्क्वायर मीटर के विशाल क्षेत्रफल में फैला यह प्रोजेक्ट आधुनिक वास्तुकला का नमूना होगा।
  • बड़ा स्टेज व हॉल: 225 स्क्वायर मीटर का भव्य स्टेज और 860 स्क्वायर मीटर का मुख्य हॉल सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए आदर्श होगा।
  • अत्याधुनिक तकनीक: पूरी बिल्डिंग साउंड प्रूफ होगी। साथ ही इसमें हाई-टेक एलईडी प्रोजेक्टर और वायरलेस साउंड सिस्टम इंस्टॉल किए जाएंगे।
  • वीआईपी सुविधाएं: डबल हाइट लॉबी, वीआईपी वेटिंग एरिया, ट्रेनिंग के लिए अलग से मीटिंग हॉल और कलाकारों के लिए सर्वसुविधायुक्त चेंजिंग रूम।
  • पार्किंग: कॉलेज परिसर में बढ़ते वाहनों को देखते हुए विशाल पार्किंग एरिया का प्रावधान भी किया गया है।

विद्यार्थियों के भविष्य के लिए बड़ी सौगात

​निरीक्षण के दौरान मंत्री गजेंद्र यादव ने छात्रों और मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि हमारी सरकार शिक्षा और कौशल विकास के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा, “यह ऑडिटोरियम केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं है, बल्कि यह हमारे युवाओं की प्रतिभा को निखारने का एक सशक्त मंच साबित होगा। पूर्व सरकार की उपेक्षा ने छात्रों का कीमती समय बर्बाद किया, लेकिन अब हम इसे रिकॉर्ड समय में पूरा कर जनता को सौंपेंगे।”

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