दुर्ग। रंगों के महापर्व होली और होलिका दहन के दौरान जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दुर्ग पुलिस ने कमर कस ली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देशन में पूरे जिले को सुरक्षा के लिहाज से 10 अनुविभागों में बांटकर 900 से अधिक पुलिस अधिकारी व जवानों को तैनात किया गया है।
पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि त्योहार की आड़ में हुड़दंग करने वालों, शराब पीकर वाहन चलाने वालों और तीन सवारी बैठने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था की मुख्य विशेषताएं:
- ‘बाज’ मोबाइल पार्टी की पैनी नजर: शहर की तंग गलियों, बस्तियों और अंदरूनी इलाकों में निगरानी के लिए 30 ‘बाज’ मोटरसाइकिल टीमें बनाई गई हैं, जो लगातार गश्त करेंगी।
- 73 पेट्रोलिंग पार्टियां: जिले के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए पुलिस की 73 मोबाइल पेट्रोलिंग गाड़ियां मुस्तैद रहेंगी।
- फिक्स पिकेट्स और नाकाबंदी: जिले के 139 महत्वपूर्ण स्थानों पर फिक्स पुलिस पिकेट तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही 25 प्रमुख रास्तों पर नाकाबंदी कर आने-जाने वाले वाहनों की सघन चेकिंग की जाएगी।
- यातायात नियमों पर सख्त कार्रवाई: नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, दोपहिया पर तीन सवारी बैठने और नशे में धुत्त होकर गाड़ी चलाने वालों के वाहन तत्काल जब्त किए जाएंगे।
शांति समिति की बैठक और फ्लैग मार्च
होली के पर्व को सौहार्दपूर्ण बनाने के लिए जिले के समस्त थानों और चौकियों में शांति समिति की बैठकें आयोजित की गईं, जिसमें जनप्रतिनिधियों और समाज प्रमुखों से सहयोग की अपील की गई। सुरक्षा का अहसास दिलाने के लिए दुर्ग-भिलाई के प्रमुख क्षेत्रों में पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च भी निकाला गया।
कंट्रोल रूम में ब्रीफिंग
आज दिनांक 2 मार्च को दोपहर 12:00 बजे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा कंट्रोल रूम में ड्यूटी पर तैनात समस्त बल को ब्रीफ किया गया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शांति और आपसी भाईचारा बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दुर्ग पुलिस की अपील:
“होली का पर्व आपसी प्रेम और सद्भाव का प्रतीक है। कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अप्रिय घटना की सूचना तत्काल नजदीकी थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को दें।”