दुर्ग/भिलाई: जिले में साइबर ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला भिलाई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) का है, जहां एक शातिर ठग ने असिस्टेंट प्रोफेसर के क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 78 हजार 910 रुपये पार कर दिए। खुद को बैंक का अधिकारी बताकर आरोपी ने प्रोफेसर को भरोसे में लिया और एक फर्जी लिंक के जरिए इस वारदात को अंजाम दिया।
कैसे हुई ठगी?
मामले की जानकारी देते हुए एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि आईआईटी भिलाई की बीटा बिल्डिंग में रहने वाले डॉ. अविजित साहा के क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में कुछ तकनीकी दिक्कत आ रही थी। 31 दिसंबर 2025 को उनके पास एक अनजान कॉल आया। कॉलर ने खुद को बैंक का कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताया और उनकी समस्या का समाधान करने का दावा किया।
ठग ने प्रोफेसर को एक लिंक भेजा जो हूबहू बैंक की आधिकारिक वेबसाइट जैसा दिख रहा था। समाधान के नाम पर डॉ. साहा ने जैसे ही उस लिंक पर क्लिक कर अपनी क्रेडिट कार्ड की जानकारी और लॉगिन डिटेल्स दर्ज की, उनके खाते से बड़ी रकम कट गई।
पुलिस की कार्रवाई और अपील
ठगी का अहसास होने पर प्रोफेसर ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। घटना के करीब दो महीने बाद अब पुलिस ने धारा 318 (4) BNS के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एएसपी मणिशंकर चंद्रा की अपील:
“नागरिक किसी भी अनजान कॉल, लिंक या वेबसाइट पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। बैंक कभी भी फोन पर आपसे गोपनीय जानकारी या लिंक के माध्यम से विवरण नहीं मांगता। सतर्क रहें और अपनी जानकारी किसी से साझा न करें।”