भिलाई। शहर के सेक्टर-7 और श्रमिक बस्तियों में पैर पसारते पीलिया के प्रकोप ने राजनीतिक गलियारे में उबाल ला दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस स्थिति को नगर निगम प्रशासन की घोर विफलता बताते हुए इसे ‘प्रायोजित नरसंहार’ करार दिया है। पार्टी ने नैतिकता के आधार पर महापौर और स्वास्थ्य विभाग के एमआईसी सदस्य लक्ष्मीपति राजू के इस्तीफे की मांग करते हुए पूरे मामले की ED और CBI जांच कराने की बात कही है।
मासूमों की जान पर बन आई, प्रशासन मौन
आम आदमी पार्टी के नेता जसप्रीत सिंह और डॉ. एस.के. अग्रवाल ने बताया कि सेक्टर-7 की सड़क संख्या 37 और 38 के लगभग 145 क्वार्टर पीलिया की चपेट में हैं। भयावह स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 25 से अधिक बच्चे गंभीर रूप से संक्रमित हैं, जो शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज व अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। वैशाली नगर में एक मासूम की मौत और खुर्सीपार में फैले संक्रमण ने निगम के ‘स्वस्थ भिलाई’ के दावों की धज्जियाँ उड़ा दी हैं।
”कमीशन के काम में सीमा नहीं, जनहित में अधिकार क्षेत्र का बहाना”
जसप्रीत सिंह ने निगम प्रशासन के ‘बीएसपी क्षेत्र’ वाले तर्क पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा:
- ”जब करोड़ों के गार्डन बनाने हों या कमीशन वाले पेवर ब्लॉक लगाने हों, तब निगम को अधिकार क्षेत्र की याद नहीं आती।”
- ”यदि बीएसपी क्षेत्र में निगम का हस्तक्षेप नहीं है, तो वहां चुनाव का ढोंग क्यों किया जाता है और पार्षदों को जनता के टैक्स से वेतन क्यों दिया जा रहा है?”
पार्टी का आरोप है कि जनता आज भी 50 साल पुरानी और गटर के बीच से गुजर रही जर्जर पाइपलाइनों का ‘जहरीला पानी’ पीने को मजबूर है, जबकि सफाई का बजट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है।
आम आदमी पार्टी की मुख्य मांगें:
- इस्तीफा: विफलताओं की जिम्मेदारी लेते हुए महापौर और एमआईसी सदस्य लक्ष्मीपति राजू तुरंत पद छोड़ें।
- उच्च स्तरीय जांच: पिछले 4 वर्षों में सफाई और स्वास्थ्य बजट में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच ED और CBI से हो।
- वेतन पर रोक: यदि निगम मूलभूत सुविधाएं देने में असमर्थ है, तो संबंधित क्षेत्र के पार्षदों का वेतन रोका जाए और वहां चुनाव बंद हों।