
नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) और एंटी करप्शन ब्यूरो/आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ACB/EOW) की ओर से दायर अपील खारिज कर दी है। इसके साथ ही हाईकोर्ट से मिली चैतन्य बघेल की जमानत बरकरार रहेगी।
जानकारी के अनुसार, शराब घोटाले से जुड़े मामले में ED और ACB/EOW ने हाईकोर्ट द्वारा चैतन्य बघेल को दी गई जमानत को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। जांच एजेंसियों ने हाईकोर्ट के आदेश को अवैधानिक बताते हुए जमानत रद्द करने की मांग की थी।
मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसियों की अपील स्वीकार नहीं की और हाईकोर्ट के जमानत आदेश को बरकरार रखा। शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने करीब 1000 करोड़ रुपये के लेन-देन का आरोप लगाया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को चैतन्य बघेल के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है।