
रायपुर। महादेव सट्टा एप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी विकास गर्ग और उससे जुड़ी संस्थाओं की कुल 940.77 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर दी हैं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है।
ईडी के अनुसार अटैच की गई संपत्तियों में आवासीय एवं व्यावसायिक भवन, जमीन, शेयर और अन्य चल-अचल संपत्तियां शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि महादेव सट्टा एप और स्काईएक्सचेंज नेटवर्क के माध्यम से बड़े पैमाने पर अवैध वित्तीय लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग की गई।
जांच एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क के जरिए हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की जा रही थी। इसी आधार पर ईडी लगातार आरोपियों और उनसे जुड़े वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही है।
ईडी के मुताबिक, महादेव सट्टा एप मामले में अब तक की कार्रवाई के दौरान करीब 3,800 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं। एजेंसी मामले से जुड़े अन्य आरोपियों, कंपनियों और वित्तीय लेनदेन की भी गहन जांच कर रही है।
महादेव सट्टा एप देश के सबसे चर्चित ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में शामिल है, जिसकी जांच अभी भी जारी है। ईडी का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।