
भिलाई: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई ने शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक और बड़ा कदम उठाया है। संस्थान ने फ्रांस के प्रतिष्ठित ‘इकोल सेंट्रेल डी नैनटेस’ (École Centrale de Nantes) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह करार फ्रांस के नीस (Nice) में 14 से 16 जून 2026 तक चल रहे ‘भारत इनोवेट्स’ (भारतीय शिक्षा इकोसिस्टम के लिए ग्लोबल एक्सेलेरेशन) कार्यक्रम के दौरान किया गया।
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों संस्थानों के संकाय (फैकल्टी) सदस्यों और छात्रों के बीच शैक्षिक, पेशेवर और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से अंतरराष्ट्रीय समझ, शैक्षणिक सहयोग, सांस्कृतिक मेलजोल और दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को एक मजबूत ढांचा मिलेगा।
इन प्रमुख क्षेत्रों में होगा सहयोग – इस करार के तहत कई अहम शैक्षणिक और शोध गतिविधियों को धरातल पर उतारा जाएगा:
- छात्र एवं फैकल्टी एक्सचेंज: दोनों संस्थानों के बीच छात्रों और फैकल्टी सदस्यों का आदान-प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें नई शैक्षणिक पद्धतियां सीखने का मौका मिलेगा।
- संयुक्त शोध एवं शैक्षणिक गतिविधियां: निजी और सरकारी प्रायोजकों की मदद से साझा हितों वाले बहु-राष्ट्रीय और बहु-संस्थागत शोध कार्य स्थापित किए जाएंगे।
- दोहरी डिग्री व विदेश में अध्ययन: छात्रों के लिए विदेश में पढ़ाई के विशेष कार्यक्रम और जॉइंट/डुअल (Joint/Dual) डिग्री प्रोग्राम संचालित किए जाएंगे।
- अल्पकालिक कार्यक्रम: समर रिसर्च जैसे विशेष शॉर्ट-टर्म (अल्पकालिक) शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
- ज्ञान साझाकरण: सेमिनार, शैक्षणिक बैठकों में संयुक्त भागीदारी के साथ-साथ महत्वपूर्ण शैक्षणिक सामग्री और सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा।
वैश्विक सहयोग की दिशा में मील का पत्थर – यह अंतरराष्ट्रीय साझेदारी वैश्विक शैक्षणिक जुड़ाव को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। शिक्षाविदों के अनुसार, यह कदम न केवल शिक्षा और शोध के स्तर को ऊंचा उठाएगा, बल्कि इनोवेशन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगा। इससे स्थानीय छात्रों और शोधकर्ताओं को सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक्सपोजर प्राप्त होगा।