दुर्ग। प्रदेश के चर्चित शराब घोटाला मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में दुर्ग जिले के कुम्हारी स्थित डिस्टलरी से अवैध शराब के परिवहन में इस्तेमाल किए जाने वाले तीन और वाहनों को जब्त किया गया है। डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर हुई इस कार्रवाई ने सिंडिकेट के नेटवर्क की परतें और खोल दी हैं।
साक्ष्यों से खुला राज, सरकारी दुकानों तक पहुँचती थी अवैध शराब
जांच में यह बात सामने आई है कि इन वाहनों का उपयोग डिस्टलरी से अवैध शराब को सीधे सरकारी दुकानों (शासकीय मदिरालयों) तक पहुँचाने के लिए किया जाता था। अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे खेल को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया जाता था। मामले में जब्त किए गए डिजिटल रिकॉर्ड्स और भौतिक सबूतों से स्पष्ट हुआ है कि ये वाहन तय रूट से हटकर अवैध खेप की सप्लाई कर रहे थे।
परिवहन के लिए ‘भरोसेमंद’ चेहरों का इस्तेमाल
सूत्रों के मुताबिक, अवैध शराब की तस्करी और सुरक्षित ट्रांसपोर्टिंग सुनिश्चित करने के लिए सिंडिकेट केवल अपने सबसे भरोसेमंद लोगों और चालकों का ही उपयोग करता था। ताकि पकड़े जाने का खतरा कम रहे और आपसी मिलीभगत बनी रहे। जब्त किए गए वाहनों के मालिकों और चालकों से अब कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
अब तक कुल 19 वाहन शिकंजे में
शराब घोटाला केस में जांच एजेंसी अब तक कुल 16 वाहन पहले ही जब्त कर चुकी थी। ताजा कार्रवाई में 3 और वाहन शामिल होने के बाद अब जब्त वाहनों की कुल संख्या 19 पहुँच गई है।
जांच का दायरा बढ़ा, कई और गाड़ियाँ रडार पर
कुम्हारी डिस्टलरी से जुड़े इस मामले में कार्रवाई अभी थमी नहीं है। विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि कई अन्य संदिग्ध वाहनों की पहचान कर ली गई है और उनके दस्तावेज़ों की जांच जारी है। आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी बरामदगी और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।