​IIT भिलाई में ‘इनर मास्टरी रिट्रीट’: शिक्षकों ने सीखा तनाव से स्थिरता और आंतरिक विकास का मंत्र

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​IIT भिलाई में ‘इनर मास्टरी रिट्रीट’: शिक्षकों ने सीखा तनाव से स्थिरता और आंतरिक विकास का मंत्र

भिलाई: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) भिलाई और ब्रह्माकुमारीज़ के संयुक्त तत्वावधान में 20 जुलाई 2026 को संकाय सदस्यों (फैकल्टी) और एकेडमिक लीडर्स के लिए एक दिवसीय ‘इनर मास्टरी रिट्रीट’ (आंतरिक निपुणता शिविर) का भव्य आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ‘आंतरिक ऑपरेटिंग सिस्टम को अपग्रेड करना – तनाव से स्थिरता की ओर’ थीम पर शिक्षकों के मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक विकास को सुदृढ़ करना था।


​आध्यात्मिकता से मिलता है सच्चा संतुलन
​कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए IIT भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ-साथ आत्म-नियंत्रण और आंतरिक शक्ति बनाए रखने के लिए आध्यात्मिकता को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि पेशेवर उत्कृष्टता के साथ सच्चा आंतरिक संतुलन स्वयं को जानने से ही आता है।

ब्रह्माकुमारीज़ के भिलाई केंद्रों की निदेशक राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने अपने आशीर्वचन में ‘प्रतिबद्धता’ (कमिटमेंट) को जीवन की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारी आंतरिक स्थिति बाहरी परिस्थितियों से कहीं अधिक शक्तिशाली है और मन की स्थिर व उच्च अवस्था विकसित कर हर चुनौती को सफलता में बदला जा सकता है।

स्वयं के ‘ऑपरेटिंग सिस्टम’ को करें अपग्रेड
​शिविर में विशेषज्ञों ने तनावमुक्ति और आत्म-विकास पर विशेष सत्र लिए:
​श्री बाला किशोर (मुख्य वक्ता): उन्होंने “सबसे शक्तिशाली ऑपरेटिंग सिस्टम जिसे आपने कभी अपग्रेड किया है, वह आप स्वयं हैं” विषय पर बात की। तकनीक का उदाहरण देते हुए उन्होंने समझाया कि जिस तरह कंप्यूटर और स्मार्टफोन को नियमित अपडेट की जरूरत होती है, वैसे ही इंसानों को भी सकारात्मक मूल्यों और आत्म-जागरूकता से अपने विचारों व निर्णय क्षमता को लगातार अपग्रेड करना चाहिए। अपने दूसरे सत्र “अदृश्य पाठ्यक्रम” (The Invisible Curriculum) में उन्होंने बताया कि शिक्षक अपनी सकारात्मक ऊर्जा से शिक्षा के दायरे से परे भी छात्रों पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं।


​डॉ. मोहित गुप्ता: “आप अपनी किस्मत खुद बनाते हैं” विषय पर एक ज्ञानवर्धक सत्र लेते हुए, उन्होंने व्यस्त दिनचर्या के बीच परिवार और स्वयं के लिए समय निकालने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ध्यान, सकारात्मक सोच, समय प्रबंधन और आत्म-अनुशासन के माध्यम से तनाव-मुक्त जीवन जीने के व्यावहारिक तरीके साझा किए।

सकारात्मक बदलाव का संकल्प
​समापन सत्र में ब्रह्मा कुमारी प्राची दीदी ने सभी खास मेहमानों, वक्ताओं, फैकल्टी सदस्यों और प्रतिभागियों का उनके उत्साहपूर्ण सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी को एक नए नजरिए और मूल्यों पर आधारित जीवनशैली के साथ एक नई शुरुआत करने की शुभकामनाएं दीं। शिक्षा और नेतृत्व में उत्कृष्टता लाने के लिए यह रिट्रीट सभी प्रतिभागियों के लिए एक प्रेरणादायक और जीवन बदलने वाला अनुभव साबित हुआ।

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