
रीवा। यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर सोमवार को रीवा में सवर्ण एकता मोर्चा के बैनर तले प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने विरोध दर्ज कराने के लिए सवर्ण नेताओं की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे। इसके बाद प्रतीकात्मक रूप से पिंडदान किया गया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने मुंडन कराकर भी विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन की शुरुआत विवेकानंद पार्क से हुई, जहां बड़ी संख्या में युवा और सामाजिक कार्यकर्ता एकत्र हुए। इसके बाद रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए आगे बढ़ी। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी से जुड़े प्रावधानों को वापस लेने की मांग को लेकर नारे लगाए। रिपोर्टों के मुताबिक कार्यक्रम में सवर्ण समाज से जुड़े नेताओं की प्रतीकात्मक अर्थी के जरिए भी विरोध दर्ज कराया गया।
प्रदर्शनकारी आशीष तिवारी ने कहा कि यूजीसी के नियमों को लेकर लगातार आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं। सरकार और संबंधित जिम्मेदारों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए यह प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने संबंधित नियमों को वापस लेने और पूरे मामले पर दोबारा विचार करने की मांग की।
वहीं सुलभ मिश्रा ने कहा कि नियमों को लेकर लोगों में नाराजगी है और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन जारी रखा जाएगा।
पृष्ठभूमि में, यूजीसी के 2026 के जातिगत भेदभाव संबंधी नियमों को लेकर विभिन्न संगठनों की ओर से देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध दर्ज कराया गया है। विरोध करने वाले संगठनों ने इन प्रावधानों को वापस लेने की मांग उठाई है।