
नई दिल्ली: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने उपभोक्ताओं को गुमराह करने और उन पर दबाव बनाने वाले “डार्क पैटर्न” (Dark Patterns) का इस्तेमाल करने पर सख्त कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने मशहूर एड-टेक कंपनी फिजिक्सवाला (PhysicsWallah) पर 5 लाख रुपये और एंटीवायरस कंपनी मैकेफी सॉफ्टवेयर इंडिया (McAfee Software India) पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
फिजिक्सवाला (PhysicsWallah) की मनमानी – CCPA की जांच में सामने आया है कि फिजिक्सवाला अपने प्लेटफॉर्म पर चेकआउट के दौरान ‘PW Foundation’ के लिए उपभोक्ताओं के बिल में अपने आप 10 रुपये का दान (Donation) जोड़ रहा था। बिना ग्राहक की सहमति के बिल में चीजें जोड़ने की इस प्रक्रिया को “बास्केट स्नीकिंग” (Basket Sneaking) कहा जाता है।
इतना ही नहीं, जब कोई उपभोक्ता इस 10 रुपये के दान को हटाने की कोशिश करता, तो उसे ऐसे भावनात्मक संदेश दिखाए जाते थे जिससे उसे अपराधबोध हो। इसे “कन्फर्म शेमिंग” (Confirm Shaming) माना गया है। इसके अलावा, कंपनी “फ्री” (मुफ्त) कोर्स देने के नाम पर उपयोगकर्ताओं से उनकी व्यक्तिगत जानकारी (Personal Data) भी मांग रही थी, जिसे प्राधिकरण ने “फोर्स्ड एक्शन” (Forced Action) करार दिया है।
मैकेफी (McAfee) ग्राहकों में बना रहा था डर — एंटीवायरस सॉफ्टवेयर कंपनी मैकेफी को भी ग्राहकों को गुमराह करने का दोषी पाया गया है। कंपनी अपने सब्सक्रिप्शन पेज पर “Renew Now” (अभी नवीनीकरण करें) और “Accept Risk” (जोखिम स्वीकार करें) जैसे विकल्प दिखाती थी। “Accept Risk” जैसे शब्दों का इस्तेमाल ग्राहकों में डर पैदा कर सब्सक्रिप्शन रिन्यू करने का दबाव बनाने के लिए किया जा रहा था। CCPA ने इसे “कन्फर्म शेमिंग” और “इंटरफेस इंटरफेरेंस” (Interface Interference) जैसे डार्क पैटर्न की श्रेणी में रखा है।
CCPA की सख्त हिदायत — प्राधिकरण ने दोनों कंपनियों को ऐसी भ्रामक प्रथाएं तुरंत बंद करने का निर्देश दिया है। CCPA ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि किसी भी सेवा या उत्पाद के लिए उपभोक्ता की सहमति पूरी तरह से स्पष्ट, सूचित और बिना किसी दबाव के होनी चाहिए। डार्क पैटर्न के जरिए ग्राहकों की जेब काटना और उन पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना उपभोक्ता अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
क्या होते हैं डार्क पैटर्न? (बॉक्स/इन्फोग्राफिक के लिए)
- बास्केट स्नीकिंग: ग्राहक के ऑनलाइन कार्ट में बिना उसकी स्पष्ट सहमति के कोई अतिरिक्त चार्ज या उत्पाद जोड़ देना।
- कन्फर्म शेमिंग: किसी ऑफर को ठुकराने पर ग्राहक को भावनात्मक रूप से बुरा या स्वार्थी महसूस करवाना।
- फोर्स्ड एक्शन: मुफ्त सेवा के बदले में ग्राहक को ऐसा काम करने पर मजबूर करना जो वह नहीं करना चाहता (जैसे निजी जानकारी देना)।
- इंटरफेस इंटरफेरेंस: वेबसाइट के डिज़ाइन को इस तरह बनाना जिससे ग्राहक भ्रमित हो जाए और अनजाने में कंपनी के फायदे वाला विकल्प चुन ले।