
बिना पंजीकरण वाले कृषि-रसायन उत्पाद की लिस्टिंग और बिक्री सुगम कराने का मामला
नई दिल्ली। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Flipkart पर भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापार व्यवहार के मामले में ₹10 लाख का जुर्माना लगाया है। मामला ‘Cyclosinone Herbicide’ नामक कृषि-रसायन उत्पाद की लिस्टिंग, विज्ञापन और बिक्री को सुगम बनाने से जुड़ा है। CCPA के अनुसार उत्पाद को लेकर किए गए कुछ दावों के पर्याप्त आधार नहीं पाए गए।
मामला कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से CCPA को दी गई जानकारी के बाद सामने आया। Flipkart पर उत्पाद को “Farmer and Gardener Approved Weed Killer” सहित कई दावों के साथ प्रचारित किया गया था। विज्ञापन में उत्पाद की सुरक्षा, प्रभावशीलता और लंबे समय तक सुरक्षा जैसे दावे भी किए गए थे। मंत्रालय के अनुसार ‘Cyclosinone’ का नाम Insecticides Act, 1968 की संबंधित अनुसूची में शामिल नहीं था।
Flipkart ने खुद को बताया मार्केटप्लेस इंटरमीडियरी
सुनवाई के दौरान Flipkart ने CCPA के समक्ष दलील दी कि वह केवल एक ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस इंटरमीडियरी है और उत्पाद का निर्माण, स्टॉक या प्रत्यक्ष बिक्री नहीं करता। कंपनी के अनुसार उत्पाद से संबंधित जिम्मेदारी संबंधित विक्रेता की थी। Flipkart ने यह भी बताया कि संबंधित लिस्टिंग को हटा दिया गया है तथा भविष्य में ऐसे उत्पादों की पहचान और रोकथाम के लिए अपने कीवर्ड-बेस्ड ब्लॉकिंग मैकेनिज्म को मजबूत किया गया है।
प्लेटफॉर्म की भी जिम्मेदारी : CCPA
CCPA ने Flipkart की केवल मार्केटप्लेस इंटरमीडियरी होने वाली दलील को स्वीकार नहीं किया। प्राधिकरण ने कहा कि किसी विनियमित उत्पाद की लिस्टिंग, उसके प्रचार और बिक्री को सुगम बनाने वाले ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर आवश्यक ड्यू-डिलिजेंस की जिम्मेदारी रहती है। CCPA ने विज्ञापन में किए गए “Farmer and Gardener Approved Weed Killer”, “Eco-Safe Weed Terminator Lawn”, “Long Lasting Protection” और “Safe Weed Control for Lawns” जैसे दावों पर भी गौर किया।
प्राधिकरण के अनुसार उत्पाद की संरचना, नियामकीय स्थिति और दावों के पर्याप्त आधार के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण ऐसे दावे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत भ्रामक विज्ञापन की श्रेणी में आते हैं।
15 दिनों में अनुपालन रिपोर्ट देने का निर्देश
CCPA ने Flipkart को भ्रामक विज्ञापन तत्काल प्रभाव से बंद करने, प्रतिबंधित अथवा कानून के तहत जोखिम वाले उत्पादों की लिस्टिंग रोकने के लिए सेल्फ-ऑडिट करने और पहले उल्लंघन के लिए ₹10 लाख का जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया है। साथ ही आदेश की तारीख से 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया है।
CCPA ने यह भी स्पष्ट किया कि थर्ड-पार्टी विक्रेताओं के साथ किए गए संविदात्मक समझौते या मार्केटप्लेस मॉडल किसी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की वैधानिक जिम्मेदारियों को समाप्त नहीं करते। इससे पहले भी CCPA ने विनियमित उत्पादों की ऑनलाइन लिस्टिंग के मामलों में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों की ड्यू-डिलिजेंस और उपभोक्ताओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी पर जोर दिया है।