
CCPA की सख्ती, 1,338 खिलौनों की बिक्री का मामला; 15 दिन में अनुपालन रिपोर्ट देने का निर्देश
नई दिल्ली। अनिवार्य भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) प्रमाणन के बिना खिलौनों की लिस्टिंग, विज्ञापन और बिक्री की सुविधा उपलब्ध कराने के मामले में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Flipkart पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया है। प्राधिकरण ने प्लेटफॉर्म को गैर-BIS प्रमाणित खिलौनों को लिस्ट, विज्ञापित अथवा बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं कराने के भी सख्त निर्देश दिए हैं।
CCPA की जांच में सामने आया कि Flipkart पर चार विक्रेताओं द्वारा 1,338 ऐसे खिलौने बेचे गए, जिन पर अनिवार्य BIS प्रमाणन नहीं था। जांच के अनुसार इन खिलौनों की बिक्री से संबंधित विक्रेताओं ने करीब ₹54.56 लाख का कारोबार किया, जबकि Flipkart को इन बिक्री से लगभग ₹14.28 लाख की फीस प्राप्त हुई।
केवल तकनीकी प्लेटफॉर्म होने की दलील खारिज
कार्रवाई के दौरान Flipkart की ओर से यह दलील दी गई कि वह केवल एक intermediary marketplace यानी मध्यस्थ ऑनलाइन मार्केटप्लेस है और third-party sellers द्वारा बेचे जाने वाले उत्पादों के BIS अनुपालन की जिम्मेदारी विक्रेताओं की है।
CCPA ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। प्राधिकरण ने माना कि Flipkart की भूमिका केवल तकनीकी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं थी, बल्कि प्लेटफॉर्म पर उत्पादों की लिस्टिंग, विज्ञापन, प्रमोशन और बिक्री में भी उसकी सक्रिय भूमिका रही।
‘Flipkart Assured’ लेबल पर भी उठे सवाल
CCPA ने ‘Flipkart Assured’ जैसे लेबल का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह के लेबल से उपभोक्ताओं के बीच यह धारणा बन सकती है कि संबंधित उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा से जुड़े मानकों की जांच की गई है। ऐसे में उपभोक्ता संरक्षण और उत्पाद सुरक्षा के प्रति ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण हो जाती है।
15 दिन में देनी होगी अनुपालन रिपोर्ट
CCPA ने Flipkart को निर्देश दिया है कि वह अनिवार्य BIS मानकों का पालन नहीं करने वाले खिलौनों को अपने प्लेटफॉर्म पर लिस्ट, विज्ञापित या बिक्री के लिए उपलब्ध न कराए। इसके अलावा कंपनी को अपने Grievance Officer सहित आवश्यक संपर्क विवरण प्रमुखता से प्रदर्शित करने और प्राधिकरण के निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर दाखिल करने को कहा गया है।
इस कार्रवाई को उपभोक्ता सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि खिलौने सीधे बच्चों के उपयोग से जुड़े उत्पाद हैं और इनके निर्माण एवं बिक्री में निर्धारित गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक है।