
दार्जिलिंग। ऑनलाइन शॉपिंग में गलत उत्पाद की डिलीवरी और रिफंड देने में टालमटोल करना ई-कॉमर्स कंपनियों को भारी पड़ गया। Darjeeling District Consumer Disputes Redressal Commission ने एक महत्वपूर्ण फैसले में Amazon Seller Services Pvt. Ltd. और Clicktech Retail Pvt. Ltd. को सेवा में कमी (Deficiency in Service) का दोषी ठहराते हुए उपभोक्ता को पूरी राशि लौटाने, मानसिक प्रताड़ना का मुआवजा तथा मुकदमे का खर्च देने का निर्देश दिया है।
आयोग के समक्ष दायर शिकायत के अनुसार दार्जिलिंग निवासी Solomon Lepcha ने अमेज़न प्लेटफॉर्म के माध्यम से क्लिकटेक रिटेल से एक उत्पाद खरीदा था। हालांकि डिलीवरी के समय उन्हें ऑर्डर किए गए सामान के स्थान पर दूसरा उत्पाद प्राप्त हुआ। शिकायतकर्ता ने तत्काल अमेज़न और संबंधित विक्रेता से संपर्क कर रिफंड की मांग की, लेकिन उनकी शिकायत का समाधान नहीं किया गया और राशि लौटाने से इनकार कर दिया गया।
लगातार प्रयासों के बावजूद राहत नहीं मिलने पर सोलोमन लेपचा ने जिला उपभोक्ता आयोग का रुख किया। मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष Tikendra Narayan Pradhan एवं सदस्य Bhawana Thakur की पीठ ने की।
सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि ग्राहक को गलत उत्पाद भेजना और वैध शिकायत के बावजूद रिफंड न देना उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत स्पष्ट रूप से सेवा में कमी है। आयोग ने यह भी कहा कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और विक्रेता दोनों की जिम्मेदारी है कि ग्राहक को वही उत्पाद मिले जिसका ऑर्डर दिया गया है। इस जिम्मेदारी से बचना अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है।
अपने आदेश में आयोग ने अमेज़न सेलर सर्विस और क्लिकटेक रिटेल को संयुक्त रूप से उत्तरदायी ठहराते हुए शिकायतकर्ता को उत्पाद की पूरी कीमत लौटाने, मानसिक उत्पीड़न के लिए मुआवजा देने तथा मुकदमे का खर्च वहन करने के निर्देश दिए।
यह फैसला ऑनलाइन खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं के अधिकारों को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। साथ ही यह ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि गलत डिलीवरी और बिक्री के बाद की सेवाओं में लापरवाही बरतने पर उन्हें कानूनी कार्रवाई और मुआवजे का सामना करना पड़ सकता है।p