दुर्ग पुलिस का बड़ा एक्शन: फर्जी GST बिल से चल रहे अवैध कोयला कारोबार का भंडाफोड़, 15 टन कोयले के साथ 3 गिरफ्तार

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दुर्ग पुलिस का बड़ा एक्शन: फर्जी GST बिल से चल रहे अवैध कोयला कारोबार का भंडाफोड़, 15 टन कोयले के साथ 3 गिरफ्तार

दुर्ग: जिला दुर्ग में संपत्ति संबंधी अपराधों और अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। एसीसीयू (ACCU) दुर्ग और खुर्सीपार थाने की संयुक्त टीम ने खुर्सीपार गेट क्षेत्र में चल रहे अवैध कोयला कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए 15 टन से अधिक कोयला जब्त किया है। इस मामले में पुलिस को गुमराह करने के लिए फर्जी जीएसटी बिलों का सहारा लिया गया था, लेकिन पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच ने आरोपियों की पोल खोल दी। मामले में मुख्य आरोपी सहित कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

मुखबिर की सूचना पर हुई संयुक्त छापामार कार्रवाई _ पुलिस को मुखबिर से गुप्त सूचना मिली थी कि खुर्सीपार गेट के पास विजय केसरवानी नामक व्यक्ति द्वारा भारी मात्रा में कोयले का अवैध भंडारण कर चोरी-छिपे बिक्री की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसीसीयू और खुर्सीपार पुलिस ने एक संयुक्त टीम का गठन किया और मौके पर दबिश दी। जांच के दौरान मुख्य आरोपी विजय कुमार केसरवानी के कब्जे से लगभग 15.530 टन कोयला और व्यापार में इस्तेमाल होने वाला कांटा-तराजू बरामद किया गया। जब्त किए गए कोयले की अनुमानित कीमत 3 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

फर्जी GST बिल से गुमराह करने की कोशिश, जांच में हुआ बड़ा खुलासा _ कार्यवाही के दौरान जब पुलिस ने कोयले के वैध स्वामित्व और स्रोत के बारे में पूछताछ की, तो आरोपी विजय केसरवानी ने खुद को वैध व्यापारी साबित करने के लिए पुलिस के सामने कुछ जीएसटी और परिवहन दस्तावेज पेश किए।

पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए मात्र दस्तावेजों पर विश्वास करने के बजाय संबंधित विभाग से उनका तकनीकी और वैज्ञानिक सत्यापन कराया। जांच में सामने आया कि प्रस्तुत किए गए सभी जीएसटी और परिवहन बिल पूरी तरह से कूटरचित और फर्जी थे। आरोपी ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश की थी, जो नाकाम रही।

फर्जी दस्तावेज बनाने वाले मास्टरमाइंड भी सलाखों के पीछे _ मामले की पेशेवर विवेचना के दौरान पुलिस ने वित्तीय लेनदेन, डिजिटल पेमेंट्स, मोबाइल कॉल डिटेल्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। इसमें यह बात सामने आई कि इस फर्जीवाड़े में अन्य लोगों की भी सक्रिय भूमिका है। फर्जी जीएसटी बिल तैयार करने और उपलब्ध कराने में राजकुमार मिश्रा और उसके सहयोगी सुनील शर्मा की संलिप्तता पाई गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर दोनों को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के बाद इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:

  1. विजय कुमार केसरवानी (उम्र 48 वर्ष), निवासी- खुर्सीपार मार्केट, थाना खुर्सीपार, दुर्ग।
  2. राजकुमार मिश्रा (उम्र 46 वर्ष), निवासी- मांझी चौक, प्रियंका नगर, थाना खुर्सीपार, दुर्ग।
  3. सुनील शर्मा (उम्र 50 वर्ष), निवासी- थाना चौक, दल्लीराजहरा (बालोद), वर्तमान पता- 32 एकड़ हाउसिंग बोर्ड, थाना जामुल, दुर्ग।

दुर्ग पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि बरामद कोक-कोयले का वास्तविक स्रोत क्या है और इसे कहाँ से लाया गया था। इसके साथ ही परिवहन व्यवस्था और संभावित चोरी या अन्य आपराधिक नेटवर्क से इसके तार जुड़े होने की भी विस्तृत पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आर्थिक और संपत्ति संबंधी अपराधों पर यह अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।

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