वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: रायपुर में ‘पुष्पा सिंडिकेट’ का भंडाफोड़, भारी मात्रा में अवैध खैर लकड़ी जब्त

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वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: रायपुर में ‘पुष्पा सिंडिकेट’ का भंडाफोड़, भारी मात्रा में अवैध खैर लकड़ी जब्त

पीसीसीएफ अरुण कुमार पाण्डेय के निर्देश पर राज्य उड़नदस्ते ने आधी रात गुमा स्थित गोदाम पर मारी दबिश, आदतन अपराधी मनीष अग्रवाल का गोदाम सील

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। प्रदेश में जंगलों की कटाई कर अवैध तरीके से संचालित हो रहे पूरे ‘पुष्पा सिंडिकेट’ का वन विभाग के राज्य उड़नदस्ते ने भंडाफोड़ किया है। पीसीसीएफ (PCCF) अरुण कुमार पाण्डेय के सख्त निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए टीम ने बीती आधी रात को गुमा स्थित एक बड़े गोदाम पर दबिश दी, जहां से दो ट्रकों से अधिक मात्रा में अवैध खैर की लकड़ी जब्त की गई है।


​आधी रात को हुई छापामार कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग को लंबे समय से राजधानी के आस-पास बड़े पैमाने पर खैर की लकड़ी की तस्करी होने की गुप्त सूचना मिल रही थी। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए पीसीसीएफ अरुण कुमार पाण्डेय ने राज्य उड़नदस्ते (स्टेट फ्लाइंग स्क्वॉड) को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। टीम ने पूरी रणनीति के साथ कथित लकड़ी तस्कर मनीष अग्रवाल के गुमा स्थित गोदाम पर आधी रात को अचानक छापा मारा। मौके पर भारी मात्रा में अवैध खैर की लकड़ी डंप मिली, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया।

गोदाम किया गया सील
छापामार कार्रवाई के दौरान मौके पर मिले दस्तावेजों और लकड़ियों के अवैध जखीरे को देखते हुए वन विभाग की टीम ने तत्काल प्रभाव से गोदाम को सील कर दिया है। जब्त की गई लकड़ी की कीमत लाखों में आंकी जा रही है। विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि ये लकड़ियां किन जंगलों से काटी गईं और इन्हें कहां सप्लाई किया जाना था।

तेंदुए की खाल की तस्करी में जेल जा चुका है मुख्य आरोपी
इस पूरे अवैध सिंडिकेट का मास्टरमाइंड कथित तस्कर मनीष अग्रवाल बताया जा रहा है। वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक, मनीष अग्रवाल आदतन अपराधी है और इसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। इससे पहले भी वह तेंदुए की खाल की तस्करी और वन्यजीवों से जुड़े अन्य अवैध व्यापार के गंभीर मामलों में पकड़ा जा चुका है और जेल की हवा खा चुका है। जेल से छूटने के बाद वह दोबारा इस तरह के संगठित ‘पुष्पा सिंडिकेट’ को संचालित कर रहा था।

वन माफियाओं में मचा हड़कंप
वन विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से राज्य भर के वन माफियाओं और लकड़ी तस्करों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और तस्कर मनीष अग्रवाल से जुड़े अन्य लोगों और उसके पूरे नेटवर्क की भी सघनता से तलाश की जा रही है। आने वाले दिनों में इस सिंडिकेट से जुड़े कई और सफेदपोश चेहरों से नकाब उठने की संभावना है।

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