निकुम धान खरीदी घोटाला: 116 क्विंटल धान गायब, विधायक के करीबी भाजपा नेता समेत कई पर FIR दर्ज

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निकुम धान खरीदी घोटाला: 116 क्विंटल धान गायब, विधायक के करीबी भाजपा नेता समेत कई पर FIR दर्ज

राजनीतिक हलचल तेज: आरोपी भैयालाल साहू माने जाते हैं स्थानीय विधायक ललित चंद्राकर के करीबी।

दुर्ग/अण्डा। जिले की सेवा सहकारी समिति मर्यादित निकुम (पंजीयन क्रमांक-692) में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान खरीदी में एक बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। खाद्य एवं सहकारिता विभाग की संयुक्त जांच में यहां 116.11 क्विंटल धान गायब (शॉर्टेज) पाया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख 60 हजार रुपये आंकी गई है। इस बड़ी अनियमितता और सरकारी धान के गबन के आरोप में थाना अण्डा में समिति प्रबंधक और एक भाजपा नेता (प्राधिकृत अधिकारी) सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।


​जांच में सामने आई गड़बड़ी
​विभागीय दस्तावेजों के अनुसार, निकुम उपार्जन केंद्र में 15 नवंबर 2025 तक कुल 76,759.60 क्विंटल धान की खरीदी की गई थी। इसके बाद 31 जनवरी 2026 तक इस धान का परिवहन किया गया। महीनों बाद, 8 जुलाई 2026 को खाद्य एवं सहकारिता विभाग के संयुक्त दल ने समिति और उपार्जन केंद्र का औचक भौतिक सत्यापन किया। मौके पर दल ने पंचनामा तैयार किया, जिसमें स्टॉक से 116.11 क्विंटल धान (कीमत करीब ₹3,59,941) नदारद मिला। इसे शासन की धान उपार्जन नीति का गंभीर उल्लंघन और स्पष्ट गबन माना गया।

जांच रिपोर्ट आने के बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग), उपायुक्त सहकारिता तथा कलेक्टर (खाद्य शाखा) दुर्ग ने एफआईआर के कड़े निर्देश दिए। इसके बाद जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग की अण्डा शाखा के प्रबंधक ने थाने में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया।

पुलिस ने प्रारंभिक तथ्यों का परीक्षण करने के बाद आरोपी:
​घनश्याम बेलचंदन (समिति प्रबंधक)
​भैयालाल साहू (प्राधिकृत अधिकारी / भाजपा नेता)
तथा अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

विधायक के करीबी पर FIR से गरमाई राजनीति
​इस एफआईआर के बाद जिले के राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। पुलिस शिकायत में नामजद प्राधिकृत अधिकारी भैयालाल साहू को स्थानीय विधायक ललित चंद्राकर का बेहद करीबी माना जाता है। सत्ता पक्ष के नेता पर सरकारी धन के गबन का मामला दर्ज होने से विपक्ष को भी बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया है। हालांकि, इस मामले में अब तक विधायक ललित चंद्राकर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पुलिस विवेचना पर टिकी निगाहें
​अब मामले की पूरी जांच थाना अण्डा पुलिस कर रही है। सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि सरकारी धान की यह हेराफेरी किन परिस्थितियों में और किसके संरक्षण में हुई। पुलिस यह भी तय करेगी कि शासन को हुए 3.60 लाख रुपये के आर्थिक नुकसान की भरपाई किस स्तर पर तय होती है और दोषियों की गिरफ्तारी कब तक की जाती है।

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