
दुर्ग। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य तरुण परगनिहा ने छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका एवं पद्म विभूषण से सम्मानित स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई के गृह ग्राम गनियारी में आयोजित दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर तरुण परगनिहा ने कहा कि स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय साधना, लोकगायन और पंडवानी कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को विश्व मंच तक पहुंचाकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई का कला और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उनकी जीवन यात्रा और सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया।