
लगभग 250 टन लौह प्लेट, बीम और 9 भारी वाहनों समेत 3.22 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त।
भिलाई: भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से संगठित रूप से लौह स्क्रैप चोरी करने वाले गिरोह पर दुर्ग पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी कड़ी में विवेचना को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बीएसपी के ही कर्मचारी हैं। इस नवीन कार्रवाई के साथ ही इस हाई-प्रोफाइल चोरी प्रकरण में अब तक कुल 15 आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा चुकी है।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह पिछले 4-5 महीनों से बेहद योजनाबद्ध तरीके से बीएसपी के लौह स्क्रैप को फ्लू डस्ट के साथ छिपाकर प्लांट से बाहर निकाल रहा था। इस चोरी किए गए माल को हथखोज स्थित एक ठिकाने पर डंप कर गिरोह द्वारा भारी आर्थिक लाभ कमाया जा रहा था।
छापेमारी में 3.22 करोड़ का माल जब्त
इस पूरे मामले का खुलासा बीते 26 मई 2026 को मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के बाद हुआ था। दुर्ग पुलिस की टीम ने ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स (प्लॉट क्रमांक-18, एच.आई.ए. हथखोज) पर दबिश दी थी। मौके पर विभिन्न हाईवा, ट्रक और अन्य वाहनों में फ्लू डस्ट के साथ लोहे की प्लेटें, बीम और कटिंग सामग्री लदी हुई पाई गई थी। पुलिस ने मौके से लगभग 250 टन लौह सामग्री और चोरी तथा लोडिंग में प्रयुक्त भारी वाहन (हाईवा, ट्रक, जेसीबी, हाईड्रा) और 5 लोहे की मशीनें जब्त की हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपये आंकी गई है।
बीएसपी कर्मचारियों की मिलीभगत आई सामने
मामले की बारीकी से विवेचना करते हुए पुलिस को साक्ष्य मिले कि इस संगठित अपराध में बीएसपी के अंदर के कर्मचारियों की भी संलिप्तता है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी हिमांशु भूषण मलिक (54 वर्ष, निवासी भिलाई) और मनोज कुमार देवांगन (58 वर्ष, निवासी रिसाली) को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। पूर्व में 13 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके थे, इन दो नई गिरफ्तारियों के साथ आंकड़ा 15 हो गया है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है।