महासमुंद में बड़ा गोलमाल: प्रशासन की सुपुर्दगी से गायब हुई 6 कैप्सूल टैंकरों की करोड़ों की एलपीजी गैस, अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध

Spread the love
महासमुंद में बड़ा गोलमाल: प्रशासन की सुपुर्दगी से गायब हुई 6 कैप्सूल टैंकरों की करोड़ों की एलपीजी गैस, अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध


​साक्ष्य मिटाने और मिलीभगत का आरोप, सीएम, डीजीपी और कलेक्टर से की गई लिखित शिकायत
​प्रशासन में मचा हड़कंप, जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का हुआ गठन

​महासमुंद/भिलाई । महासमुंद जिले के सिंघोड़ा थाना क्षेत्र से भ्रष्टाचार और लापरवाही का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस और प्रशासन की कस्टडी में रखे गए 6 एलपीजी (LPG) कैप्सूल टैंकरों से करोड़ों रुपये की गैस रहस्यमयी तरीके से गायब हो गई है। भिलाई निवासी वाहन मालिक ने इस पूरे प्रकरण में साक्ष्य छुपाने और अधिकारियों की मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, खाद्य मंत्री, पुलिस महानिदेशक (DGP) और कलेक्टर से उच्च स्तरीय जांच कर नई एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इस खुलासे के बाद पुलिस और खाद्य विभाग के आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।


​अवैध रिफिलिंग करते पकड़े गए थे टैंकर
घटनाक्रम की शुरुआत पिछले साल के अंत में हुई थी। 23 दिसंबर 2025 को सरायपाली एसडीएम और खाद्य विभाग की टीम अवैध धान परिवहन पर कार्रवाई के लिए गश्त पर निकली थी। इसी दौरान टीम को मुखबिर से सूचना मिली और वे एनएच-53 स्थित चिवराकुटा में नवजीवन अस्पताल के सामने एक बकरी शेड फार्म हाउस में पहुंचे। वहां 6 एलपीजी कैप्सूल टैंकरों से व्यावसायिक और घरेलू सिलेंडरों में गैस की अवैध रिफिलिंग का बड़ा खेल चल रहा था। टीम को देखते ही सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। टीम ने मौके से 6 एलपीजी टैंकर, रिफिलिंग नोजल और गैस सिलेंडर जब्त कर सिंघोड़ा थाने को सौंप दिए। खाद्य निरीक्षक की रिपोर्ट पर 24 दिसंबर 2025 को सिंघोड़ा थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और बीएनएस (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया था।


​सुरक्षा के नाम पर अभनपुर भेजे गए, वहां हो गए खाली
मामले में सबसे बड़ा झोल जब्ती के बाद हुआ। पुलिस ने सुरक्षात्मक दृष्टिकोण का हवाला देते हुए 30 मार्च 2026 को प्रशासन की अनुमति और खाद्य विभाग की मौजूदगी में इन भरे हुए टैंकरों को अभनपुर (रायपुर) स्थित ‘ठाकुर पेट्रोकेमिकल कंपनी’ की सुपुर्दगी में दे दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब भिलाई निवासी वाहन मालिक उच्च न्यायालय से जमानत और वाहन सुपुर्दगी का आदेश लेकर 17 अप्रैल को अभनपुर स्थित उक्त कंपनी में अपना वाहन लेने पहुंचा। वहां पहुंचने पर उसने पाया कि जिन टैंकरों को भरा हुआ जब्त किया गया था, वे पूरी तरह से खाली हैं और करोड़ों रुपये की गैस निकाली जा चुकी है।


​वाहन मालिक ने खोला मोर्चा, की उच्च स्तरीय जांच की मांग
टैंकर खाली मिलने से सकते में आए वाहन मालिक ने 23 अप्रैल को महासमुंद कलेक्टर और 25 अप्रैल को मुख्यमंत्री के नाम लिखित शिकायत भेजी। शिकायत में स्पष्ट तौर पर आरोप लगाया गया है कि यह करोड़ों रुपये की गैस की अवैध निकासी का मामला है, जिसमें साक्ष्यों को मिटाने के लिए अधिकारियों की मिलीभगत से इस खेल को अंजाम दिया गया है। मालिक ने दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित
इस बड़े घोटाले की शिकायत पुलिस व खाद्य विभाग के आला अधिकारियों तक पहुंचने के बाद प्रशासनिक अमले में खलबली मची हुई है। मामले को लेकर अपर कलेक्टर ने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एक तीन सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है। जांच प्रतिवेदन आने के पश्चात जो भी अधिकारी या व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *