
दुर्ग। जिले में सूने मकानों में लगातार हो रही चोरी की वारदातों के बीच दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसीसीयू और थाना वैशाली नगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो महिलाओं समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 13 लाख 12 हजार 800 रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवर, नगदी और चोरी में इस्तेमाल वाहन बरामद किया गया है।
भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि जिले में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस द्वारा लगातार गश्त, मॉर्निंग पेट्रोलिंग और संदिग्धों की निगरानी की जा रही थी। जांच के दौरान पुलिस टीम ने 1600 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें आरोपी नौशाद की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। आरोपी नौशाद मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर का निवासी है और खुर्सीपार स्थित अपने ससुराल में रहकर मालवाहक वाहन चलाने का काम करता था। वह दिन में सूने मकानों की रेकी करता और रात में अपने साथियों के साथ चोरी की वारदात को अंजाम देता था। चोरी से मिले पैसों से उसने एक हीरो डेस्टिनी वाहन भी खरीदा था
पूछताछ में आरोपियों ने गुरूनानक नगर, वैशाली नगर, जामुल, चरोदा, राधिका नगर, पुदमनगर सहित बालोद जिले के करहीभदर क्षेत्र में चोरी की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है। चोरी के जेवर महिलाओं के माध्यम से पावर हाउस स्थित शुभलाभ ज्वेलर्स में गिरवी रखे जाते थे। मामले में पुलिस ने ज्वेलरी दुकान संचालक को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने मामले में नौशाद, नगीना, मदीना और दुर्गेश गोस्वामी को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में और भी चोरी की वारदातों का खुलासा हो सकता है।