
दुर्ग/भिलाई, भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से संगठित तरीके से स्क्रैप चोरी करने वाले गिरोह पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस रिमांड अवधि समाप्त होने पर सोमवार को तीन अहम आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी के लॉकर से लगभग 50 लाख रुपये के आभूषण और करीब 3 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
अपराध का तरीका और जब्ती
हथखोज भिलाई स्थित ए.के. ट्रेडर्स में 26 मई को मारे गए छापे में इस बड़े नेक्सस का खुलासा हुआ था। आरोपी फ्लू डस्ट परिवहन की आड़ में बीएसपी से लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग पार कर रहे थे।
पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने चोरी के स्क्रैप को बेचकर जो काली कमाई की, उसे बड़े पैमाने पर अचल संपत्ति और सोने-चांदी में निवेश किया था। जांच टीम ने खुर्सीपार गेट से लेकर एसएमएस-3 (SMS-3) तक मुख्य घटनास्थल का पुनर्निर्माण (Crime Scene Recreation) कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। साथ ही, अवैध परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की फर्जी नंबर प्लेटें भी जब्त की गई हैं।
फरार सरगना यूपी से हुआ था गिरफ्तार
इस प्रकरण में 9 आरोपी पहले ही जेल जा चुके थे, लेकिन गिरोह का मुख्य सरगना संजय सिंह फरार था। मुखबिर की सटीक सूचना पर विशेष पुलिस टीम ने उसे उत्तर प्रदेश के देवरिया से घेराबंदी कर पकड़ा था। 16 जून को उसे गिरफ्तार कर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया था।
संजय सिंह से हुई सघन पूछताछ के बाद उसके दो अन्य साथियों—अमित शर्मा और आकाश कुमार सिंह की संलिप्तता उजागर हुई, जिन्हें भी तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस आरोपियों द्वारा अर्जित चल-अचल संपत्तियों को कुर्क करने की तैयारी कर रही है।
एक नज़र में प्रकरण के मुख्य बिंदु:
- गिरफ्तार नए आरोपी:
- संजय सिंह (48 वर्ष), निवासी खुर्सीपार, दुर्ग।
- अमित शर्मा उर्फ कैलाश शर्मा (45 वर्ष), निवासी सेक्टर-02 भिलाई।
- आकाश कुमार सिंह (29 वर्ष), निवासी हाउसिंग बोर्ड जामुल।
कुल बरामदगी:
- लगभग 250 टन लोहे की प्लेट, बीम व स्क्रैप (कीमत लगभग 90 लाख रुपये)।
- परिवहन व लोडिंग में प्रयुक्त वाहन व भारी मशीनरी (कुल संपत्ति जब्ती लगभग 3.22 करोड़ रुपये)।
- 50 लाख रुपये के स्वर्ण व अन्य आभूषण।
- 3 करोड़ रुपये की संपत्तियों के दस्तावेज एवं फर्जी नंबर प्लेट।
घटनास्थल: ए.के. ट्रेडर्स (प्लाट नं. 18 ए/05, एच.आई.ए. हथखोज) तथा बीएसपी क्षेत्र खुर्सीपार गेट से एसएमएस-3 तक।
सराहनीय कार्य और पुलिस की अपील इस पूरे ऑपरेशन में थाना खुर्सीपार, एसीसीयू (ACCU) दुर्ग और विवेचना टीम की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही, जिन्होंने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों को बारीकी से जोड़कर इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों और औद्योगिक इकाइयों से अपील की है कि वे स्क्रैप या औद्योगिक सामग्री के संदिग्ध और अवैध क्रय-विक्रय की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे अपराधों पर पूर्णतः अंकुश लगाया जा सके।