
रायपुर।छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने दरगाहों और मजहबी जलसों में डीजे (DJ) बजाने पर रोक लगाने वाले अपने आदेश को रद्द किए जाने के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) जाने का निर्णय लिया है। बोर्ड जल्द ही बिलासपुर हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करेगा।
क्या था वक्फ बोर्ड का आदेश?
गौरतलब है कि कुछ समय पहले छत्तीसगढ़ राज्य वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने एक सख्त आदेश जारी किया था। इस आदेश के तहत प्रदेश की तमाम दरगाहों, उर्स और अन्य मजहबी जलसों में डीजे और धूमाल बजाने के साथ-साथ नाच-गाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई थी। बोर्ड का मानना था कि धार्मिक और पवित्र स्थलों पर इस तरह की गतिविधियां अनुचित हैं।
उल्लंघन पर था 50 हजार का जुर्माना
वक्फ बोर्ड ने अपने आदेश को सख्ती से लागू करने के लिए जुर्माने का भी प्रावधान किया था। निर्देशों में स्पष्ट किया गया था कि यदि कोई भी व्यक्ति या समिति इस आदेश का उल्लंघन कर दरगाहों या उर्स में डीजे का उपयोग करता है, तो उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था आदेश
वक्फ बोर्ड के इस सख्त फरमान को बाद में उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) में चुनौती दी गई थी। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने वक्फ बोर्ड के डीजे और नाच-गाने पर प्रतिबंध लगाने वाले इस आदेश को रद्द कर दिया था।
अब हाईकोर्ट के इसी फैसले से असंतुष्ट होकर छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने कानूनी लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए देश की सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाने की पूरी तैयारी कर ली है।