
रायपुर। : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में OSD रहे चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार किया है। वर्तमान में वह बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ बताए जा रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार ED ने चेतन बोरघरिया को 11 सितंबर को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें रायपुर की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 6 दिन की ED हिरासत में भेज दिया। एजेंसी अब इस मामले में कथित आर्थिक लेनदेन और परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
अवैध रकम का दावा
ED की जांच में 3 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अवैध रकम से जुड़े लेनदेन का दावा किया गया है। एजेंसी के अनुसार, जांच के दौरान चेतन बोरघरिया से जुड़े वित्तीय लेनदेन भी सामने आए हैं। ED ने यह भी दावा किया है कि उनके बैंक खाते में 66.64 लाख रुपये नकद जमा किए गए थे। एजेंसी अब इन पैसों के स्रोत और इनके संभावित उपयोग की जांच कर रही है।
1 सितंबर को हुई थी तलाशी
CGPSC मामले की जांच में परीक्षा के प्रश्नपत्र से जुड़ी कथित गड़बड़ी का एंगल भी सामने आया है। ED का आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों तक कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र पहुंचाया गया था। इस पूरे नेटवर्क में किस-किस की भूमिका रही और आर्थिक लेनदेन किस स्तर तक हुआ, इसकी पड़ताल की जा रही है। इस मामले में ED ने इससे पहले 1 सितंबर को कई परिसरों में तलाशी अभियान चलाया था। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया। इसके बाद चेतन बोरघरिया की गिरफ्तारी की कार्रवाई हुई।
ED की कार्रवाई के बाद अब जांच का फोकस कथित अवैध रकम के लेनदेन, बैंक खातों में जमा नकदी और परीक्षा में कथित गड़बड़ी के बीच संभावित संबंधों पर है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित रकम किन लोगों तक पहुंची और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। फिलहाल CGPSC परीक्षा अनियमितता मामले में ED की जांच जारी है। आगे की कार्रवाई और पूछताछ के बाद मामले में और नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।