
पत्नी के नाम दर्ज स्कूल भवन और रीवा का भूखंड अटैच, 25 साल में वैध आय से 191% अधिक संपत्ति जुटाने का आरोप
मऊगंज/रीवा: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के भोपाल जोनल कार्यालय ने आय से अधिक संपत्ति जुटाने के मामले में मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व कर्मचारी (स्कूल बाबू) महेंद्र प्रताप सिंह और उनकी पत्नी रीता सिंह पर बड़ा शिकंजा कसा है। जांच एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों की लगभग 1.64 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद संबंधित प्रशासनिक व शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है।
EOW की चार्जशीट के आधार पर शुरू हुई थी कार्रवाई
ईडी की यह जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW), भोपाल द्वारा दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है। ईओडब्ल्यू इस मामले में विस्तृत जांच पूरी कर रीवा स्थित विशेष अदालत में आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल कर चुकी है। इसके बाद ईडी ने वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच अपने हाथ में ली थी।
25 साल की सेवा में आय से 191% ज्यादा दौलत बनाई
जांच एजेंसी के विश्लेषण के अनुसार, आरोपी कर्मचारी ने 13 फरवरी 1995 से 9 सितंबर 2020 के सेवाकाल के दौरान अपनी ज्ञात और वैध आय से करीब 191.11 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की। कुर्क की गई परिसंपत्तियों में रीवा स्थित एक प्रमुख भूखंड, एक निजी स्कूल भवन और उससे जुड़ी अन्य अचल संपत्तियां शामिल हैं।
जांच जारी, आगे बढ़ सकता है दायरा
अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में यह कुर्की कानूनी प्रक्रिया के तहत अस्थायी रूप से की गई है, जिसका अंतिम निर्णय न्यायालय के आदेश पर निर्भर करेगा। ईडी के सूत्रों का कहना है कि आरोपी के अन्य वित्तीय लेन-देन और बेनामी संपत्तियों के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ सकता है।