
CJP प्रदर्शन में शामिल होने जा रही थी महिला, परिजनों का आरोप—अज्ञात जगह रखकर की गई मारपीट
जबलपुर । मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस को उस महिला को अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है, जिसे मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जाते समय इटारसी जंक्शन पर हिरासत में लिया गया था। अदालत ने राज्य सरकार को यह विकल्प भी दिया है कि वह चाहे तो महिला की उसके परिजनों तक सुरक्षित वापसी का प्रबंध कर सकती है।
मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर, 2026 को तय की गई है।
हाईकोर्ट ने मामले में नोटिस जारी करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि संबंधित व्यक्ति (कॉर्पस) को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रशासन दूसरी पक्षकार को पूर्व सूचना देकर निर्धारित तारीख से पहले भी महिला को पेश कर सकता है या फिर सीधे परिवार तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था कर सकता है।
अज्ञात स्थान पर रखने और मारपीट का आरोप
यह निर्देश महिला के परिजन द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि महिला पुणे से दिल्ली जा रही ट्रेन में सवार थी, तभी इटारसी स्टेशन पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। याचिकाकर्ता का दावा है कि पुलिस ने महिला के साथ मारपीट की और 8 अक्टूबर, 2026 से उसे किसी अज्ञात स्थान पर अवैध हिरासत में रखा हुआ है, जिसकी सूचना परिजनों को भी नहीं दी गई। महिला ‘सीजेपी’ के बैनर तले मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में हिस्सा लेने जा रही थी।