
दिल्ली। दिल्ली के मालवीय नगर में 3 जून को हुए भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो गई है। कई जिंदगियां हमेशा के लिए खामोश हो गईं। कई परिवारों के लिए कभी न भरने वाला जख्म बन गया। जिसमें से 12 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। लेकिन कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया और खुशियों से भरे घर मातम में बदल गए। चारों ओर धुआं, चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल था।
अब इस घटना के बाद इस हादसे से जुड़ी कई परतें एक-एक कर खुलती जा रही है। जिसमें गुरुग्राम के अग्रवाल परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई। इन सब में दिल को झकझोर देने वाला दृश्य तब सामने आया जब रेस्क्यू टीम को एक पति-पत्नी के शव एक-दूसरे को गले लगाए हुए मिले। ऐसा लगा मानो आखिरी सांस तक भी उन्होंने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा। इस दर्दनाक हादसे ने न जाने कितने सपनों को अधूरा छोड़ दिया और कई परिवारों की दुनिया उजाड़ दी।
महिला टॉयलेट सीट पर बैठी थी, जबकि उसका पति पास रखी कुर्सी पर बैठा था। दोनों ने एक-दूसरे को कसकर पकड़ रखा था और महिला का सिर पति के कंधे पर टिका हुआ था। दोनों की दम घुटने से मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार इस कपल को बच्चा चाहिए था। यह पास के अस्पताल से टेस्ट ट्यूब बेबी की प्रोसेस करवाने के लिए फ्लरिश स्टे होटल में रुका था।
वहीं इस घटना के बाद मुख्य आरोपी और होटल मालिक लवकेश बजाज को गुरुवार को कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। बजाज से जब पूछा गया कि 6 कमरे का लाइसेंस लेकर 25 कमरे कैसे चला रहे थे? फायर एनओसी भी नहीं थी। यह होटल तीन पार्टनर मिलकर चला रहे थे।