
कोलगवां थाना क्षेत्र के सिद्धार्थ नगर में दिनदहाड़े हुई घटना; मां पर शादी का दबाव बना रहा सिरफिरा है मुख्य संदेही। कमरे का बाहर से लगा था ताला, पुलिस ने तुड़वाया तो अंदर खून से लथपथ मिली मासूम की लाश।
सतना (क्राइम रिपोर्टर)। जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत सिद्धार्थ नगर में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां दिनदहाड़े एक 11 वर्षीय मासूम बच्चे की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्यारे ने वारदात को अंजाम देने के बाद शव को कमरे में रखे गेहूं के एक नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में छिपा दिया और बाहर से ताला लगाकर फरार हो गया। घटना की भनक पुलिस को दोपहर करीब तीन बजे लगी। प्रथम दृष्टया इस जघन्य हत्याकांड का मुख्य संदेही पड़ोस में ही प्रेस की दुकान चलाने वाला एक युवक है, जो मृतक की मां पर शादी का दबाव बना रहा था।
गरीब मजदूर परिवार पर टूटा कहर
जानकारी के अनुसार, मूल रूप से सभापुर थाना क्षेत्र के नयागांव का रहने वाला रमेश रजक मुंबई में मजदूरी करता है। उसका परिवार पिछले एक साल तीन महीने से सिद्धार्थ नगर में संतोष विश्वकर्मा के मकान में किराए पर रह रहा है। परिवार में पत्नी आशा (जो घरों में काम करती है), बड़ी बेटी सेजल (12वीं पास), मझला बेटा शिवाकांत (8वीं पास) और सबसे छोटा बेटा सूरज उर्फ शिवराज उर्फ बादल (11 वर्ष) शामिल थे। इस वर्ष बादल ने 5वीं कक्षा पास की थी। इसी मासूम बादल को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया।
ऐसे खुला खौफनाक राज: बाहर ताला, अंदर चल रहा था पंखा
मृतक की मां आशा रजक ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब 12 बजे जब वह काम निपटाकर घर लौटी, तो दरवाजे पर बाहर से ताला लगा हुआ था। जबकि, बादल के जूते बाहर ही रखे हुए थे। खिड़की से झांकने पर अंदर लाइट और पंखा चालू दिखा। अनहोनी की आशंका के चलते आशा ने बस स्टैंड के पास काम करने वाले अपने बेटे शिवाकांत से संपर्क किया और बड़ी बेटी सेजल के बारे में पूछा। पता चला कि सेजल काम की तलाश में गई है, लेकिन बादल घर पर ही था। बादल के न मिलने पर आशा और सेजल को मथुरा रजक नामक व्यक्ति पर बादल के अपहरण का शक हुआ और वे तुरंत शिकायत लेकर कोलगवां थाने पहुंचे।
शक के घेरे में ‘मथुरा’, एक दिन पहले भी की थी मारपीट
पीड़ित मां आशा ने पुलिस को बताया कि मोहल्ले में ही कपड़ा प्रेस करने की दुकान चलाने वाला मथुरा रजक (निवासी सीधी जिला) उस पर शादी करने का जबरन दबाव बना रहा था। इनकार करने पर उसने जान से मारने की धमकी दी थी। रविवार दोपहर भी मथुरा ने आशा के साथ विवाद किया था, उसका मोबाइल और पैसे छीन लिए थे, और गला दबाकर मारपीट की थी जिससे उसे चोटें आई थीं।
ताला टूटा तो सामने आया वीभत्स मंजर
मां की शिकायत पर पुलिस की टीम मथुरा के बस स्टैंड स्थित घर और सिद्धार्थनगर शिव कॉलोनी स्थित दुकान पर पहुंची, लेकिन दोनों जगहों पर ताला लटका मिला। इसके बाद पुलिस आशा को लेकर उसके घर पहुंची और बाहर लगा ताला तुड़वाया। कमरे के अंदर का दृश्य खौफनाक था। फर्श और दीवारों पर खून के छींटे थे। जब गेहूं से आधे भरे नीले प्लास्टिक के ड्रम को चेक किया गया, तो उसके अंदर मासूम बादल की खून से लथपथ लाश बरामद हुई।
धारदार हथियार से रेता गया गला
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और फॉरेंसिक (एफएसएल) टीम मौके पर पहुंच गई। एफएसएल वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. महेंद्र सिंह ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
“प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि किसी धारदार हथियार से गले में गहरा घाव कर बच्चे की हत्या की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही समय और स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।” > – डॉ. महेंद्र सिंह, एफएसएल अधिकारी
पुलिस की कार्रवाई जारी
निरीक्षण के दौरान कोलगंवा थाना प्रभारी सुदीप सोनी सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अनुमान है कि यह वारदात सोमवार दोपहर 12 से 1 बजे के बीच (मां के आने से ठीक पहले) हुई होगी। फिलहाल, पुलिस मुख्य संदेही मथुरा रजक की सरगर्मी से तलाश कर रही है।