प्रबंधन पर गंभीर आरोप: मार्कशीट के नाम पर कागज के टुकड़ों पर बांटे जा रहे नंबर, गार्ड्स ने शिक्षकों को धक्के मारकर निकाला बाहर
रायपुर (मुख्य संवाददाता):
राजधानी के प्रतिष्ठित सालेम स्कूल में शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब स्कूल के शिक्षक और ‘आया मदर’ प्रबंधन की कार्यप्रणाली के खिलाफ लामबंद होकर सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल प्रबंधन पर धर्मांतरण का दबाव बनाने, वेतन रोकने और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसे सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।
धर्मांतरण और पीएफ में गड़बड़ी का आरोप
विरोध प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन लंबे समय से उन पर धर्मांतरण के लिए मानसिक दबाव बना रहा है। इसके अलावा, शिक्षकों ने आरोप लगाया कि उनकी सैलरी और पीएफ (PF) की राशि में भी भारी अनियमितताएं की जा रही हैं। जायज हक मांगने पर उन्हें प्रबंधन की ओर से प्रताड़ित किया जाता है।
रिजल्ट के नाम पर खानापूर्ति
विवाद का एक बड़ा कारण बच्चों के रिजल्ट में हो रही देरी भी है। शिक्षकों ने खुलासा किया कि स्कूल की प्रिंसिपल रूपिका लॉरेंस द्वारा बच्चों को विधिवत मार्कशीट और रिजल्ट नहीं दिया जा रहा है। इसके बजाय, अभिभावकों को केवल सादे कागज पर नंबर लिखकर थमाए जा रहे हैं, जो पूरी तरह से नियम विरुद्ध है। इससे छात्रों के आगे के एडमिशन और भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है।
गार्ड्स ने की धक्का-मुक्की, बढ़ा आक्रोश
हंगामे के दौरान स्थिति तब और बिगड़ गई जब स्कूल प्रबंधन ने बातचीत करने के बजाय गार्ड्स को बुलाकर शिक्षकों को परिसर से बाहर निकलवा दिया। इस बदसलूकी के बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूट पड़ा। मौके पर मौजूद अभिभावकों ने भी शिक्षकों का समर्थन करते हुए प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
”स्कूल प्रबंधन की तानाशाही अब बर्दाश्त से बाहर है। न हमें सही समय पर वेतन मिल रहा है और न ही बच्चों को सही मार्कशीट दी जा रही है। धर्मांतरण का दबाव बनाना बेहद गंभीर मामला है।”
— विरोध कर रहे शिक्षक
पहले भी विवादों में रहा है स्कूल
गौरतलब है कि सालेम स्कूल पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। वर्तमान स्थिति को देखते हुए अभिभावकों और कर्मचारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी और प्रशासन से मामले की उच्च स्तरीय जांच और प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, स्कूल परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है।